भीलवाड़ा

रेमंड ट्रोवाइन के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: लबाना टेक्सटाइल पर छापा, 5 हजार मीटर कपड़ा जब्त

कंपनी के फील्ड अफसर की शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई, फैक्ट्री मालिक फरार; नकली सेल्वेज बनाने वालों में हड़कंप
2 min read
• •
Updated: 15 Mar 2026, 9:43 AM IST
Major Fraud in the Name of Raymond Trovine: Raid on Labana Textile; 5,000 Meters of Fabric Seized
Major Fraud in the Name of Raymond Trovine: Raid on Labana Textile; 5,000 Meters of Fabric Seized

वस्त्रनगरी में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली कपड़ा (सेल्वेज) बनाने का पर्दाफाश हुआ है। रीको औद्योगिक क्षेत्र के मंगलपुरा रोड स्थित लबाना टेक्सटाइल मिल्स पर शनिवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। मौके से नामी कंपनी रेमंड ट्रोवाइन के नाम का लगभग 5 हजार मीटर करीब 26 थान नकली सेल्वेज कपड़ा जब्त किया।

कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री मालिक मौके से नदारद था। यह कार्रवाई सीओ सिटी सज्जन सिंह और प्रतापनगर थाना पुलिस की टीम ने रेमंड कंपनी के फील्ड अफसर सलीम खान की शिकायत पर की है। इस खुलासे के बाद नकली सेल्वेज बनाने वालों में हड़कंप मच गया है। कई उद्यमी तो पुलिस कार्रवाई के डर से अपना काम बंद कर गायब हो गए। जिस फैक्ट्री पर कार्रवाई की गई उसका कोई बोर्ड तक नजर नहीं आया।

एक महीने से चल रही थी रेकी

खान ने बताया कि पिछले एक माह से भीलवाड़ा में कंपनी के नाम से नकली सेल्वेज कपड़ा बनाए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके आधार पर वे जांच कर रहे थे। शनिवार को लबाना टेक्सटाइल मिल्स में रेमंड ट्रोवाइन कपड़े के उत्पादन की पुख्ता पुष्टि होने के बाद, पुलिस से मदद से फैक्ट्री पर दबिश दी और 5 हजार मीटर कपड़ा बरामद किया।

भीलवाड़ा में गहराई तक फैली हैं सेल्वेज की जड़ें

भीलवाड़ा में नकली सेल्वेज का कारोबार कोई नई बात नहीं है। यहां हर बड़ी कंपनी के नाम से कपड़े का अवैध उत्पादन धड़ल्ले से होता है। इस खेल में कई तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। कुछ बड़ी कंपनियां स्थानीय मिलों को अपने नाम से कपड़े का ऑर्डर देती हैं, लेकिन कई उद्यमी तय ऑर्डर से अधिक माल बनाकर उसे खुले बाजार में अवैध रूप में बेच देते हैं। कई व्यापारी बड़ी कंपनियों के नाम से मिलते-जुलते (वर्तनी बदलकर) नाम का सेल्वेज लगाकर ग्राहकों को गुमराह करते हैं और उसे ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते हैं।

क्या है रेमंड ट्रोवाइन

रेमंड ट्रोवाइन एक उच्च गुणवत्ता वाला पॉलिएस्टर-विस्कोस मिश्रित कपड़ा है। इसका उपयोग मुख्य रूप से पुलिस खाकी, भारतीय वायु सेना और कॉर्पोरेट वर्दी सहित अन्य वर्दी के लिए किया जाता है। इसकी कीमत आमतौर पर 150 से 350 रुपए प्रति मीटर के बीच होती है। यह मुलायम होने, कम रखरखाव की आवश्यकता और विभिन्न रंगों और सादे पैटर्न में उपलब्ध होने के लिए जाना जाता है। कम्पनी का कहना है कि रेमंड ट्रोवाइन के नाम से कपड़ा बनाने के लिए किसी भी कम्पनी को ऑर्डर नहीं दिया है।

Updated on:
15 Mar 2026, 9:43 AM IST
Published on: