23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

महायुद्ध की छाया: भीलवाड़ा के स्कूल यूनिफॉर्म कारोबार पर संकट के बादल

खाड़ी देशों में तनाव से घबराए निर्यातक, 80 करोड़ मीटर कपड़े का गणित बिगड़ा; उद्यमियों ने खींचे हाथ
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भीलवाड़ा

•

image

Suresh Jain

•

Updated: 15 Mar 2026, 9:48 AM IST

The Shadow of War: Clouds of Crisis Over Bhilwara's School Uniform Industry

The Shadow of War: Clouds of Crisis Over Bhilwara's School Uniform Industry

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच गहराते युद्ध ने मैनचेस्टर ऑफ राजस्थान कहे जाने वाले भीलवाड़ा की टेक्सटाइल मंडी की धड़कनें बढ़ा दी हैं। खाड़ी और अफ्रीकी देशों में युद्ध की विभीषिका के चलते भीलवाड़ा में तैयार होने वाले स्कूल ड्रेस के कपड़े का निर्यात ठप होने के कगार पर है। युद्ध की अनिश्चितता ने स्थानीय उद्यमियों को कपड़ा उत्पादन से कदम पीछे खींचने पर मजबूर कर दिया है।

निर्यात का गणित हुआ फेल

भीलवाड़ा से हर साल स्कूल ड्रेस सीजन के दौरान लगभग 60 से 80 करोड़ मीटर कपड़ा खाड़ी देशों को निर्यात किया जाता है। वर्तमान हालातों ने इस चक्र को तोड़ दिया है। खाड़ी देशों के आयातक फिलहाल वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। युद्ध प्रभावित क्षेत्रों के व्यापारी अपने एजेंटों के माध्यम से नए ऑर्डर लिखवाने में हिचकिचा रहे हैं।

मार्च से जुलाई: सीजन पर संकट

स्कूल ड्रेस का मुख्य सीजन मार्च से शुरू होकर जुलाई तक चलता है। यही वह समय है जब भीलवाड़ा की लूम्स और प्रोसेसिंग हाउस पूरी क्षमता के साथ चलते हैं। विदेशी बाजारों से मांग नहीं आने के कारण इस बार करोड़ों रुपए का टर्नओवर प्रभावित होने की आशंका है।

निर्यातक दिनेश कुमार का कहना है कि खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति ने विदेशी व्यापार में अनिश्चितता पैदा कर दी है। उद्यमी जोखिम लेने से कतरा रहे हैं, जिसका सीधा असर उत्पादन पर दिख रहा है। कपड़े का उत्पादन नहीं होने से आगे की चेन पर असर पड़ रहा है।

राजस्थान से थोड़ी उम्मीद

हालांकि राजस्थान में नया शैक्षणिक सत्र एक अप्रेल से शुरू होने जा रहा है। इसके कारण व्यापारियों को जून-जुलाई से पहले ही प्रदेश के कपड़ा व्यापारियों से कुछ ऑर्डर मिलने लगे है। इसके चलते उनका काम थोड़ा चल रहा है।

बड़ी खबरें

View All

भीलवाड़ा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग