
माण्डलगढ़ में उपखण्ड अधिकारी महेश गगोरिया व तहसीलदार राहुल धाकड़ सोमवार शाम ट्रेप करने पहुंची कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम से भिड़ गए। टीम से बदसलूकी की और साथ आए परिवादी से मारपीट कर मोबाइल छीन लिया। दोनों अफसर ट्रेप नहीं हो पाए, लेकिन एसीबी ने उनके खिलाफ राजकार्य में बाधा पहुंचाने का मामला मांडलगढ़ थाने में दर्ज कराया। रिश्वत मांगने का प्रकरण अलग से दर्ज किया गया।
एसीबी के कार्यवाहक महानिदेशक हेमंत प्रियदर्शी ने बताया कि एसीबी की कोटा शहर इकाई को एक व्यक्ति ने शिकायत की। परिवादी ने शिकायत की कि न्यायालय उपखंड अधिकारी मांडलगढ़ में लम्बित राजस्व वाद में अस्थायी निषेद्याज्ञा को स्थायी कराने की एवज में उपखण्ड अधिकारी गगोरिया पचास हजार रुपए रिश्वत तहसीलदार धाकड़ के जरिए मांग रहा है। रिश्वत नहीं देने पर परेशान किया जा रहा है। कोटा इकाई के एएसपी विजय स्वर्णकार के नेतृत्व में टीम ने शिकायत का सत्यापन किया।
पुलिस निरीक्षक देशराज गुर्जर टीम के साथ परिवादी को साथ लेकर ट्रेप के लिए शाम को मांडलगढ़ एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां राजसमंद निवासी एसडीएम महेश व तहसीलदार राहुल के पास परिवादी को रिश्वत की राशि देकर भेजा। दोनों अफसरों को एसीबी के आने की भनक लग गई। उन्होंने परिवादी से मारपीट कर मोबाइल छीन लिया। इसी दौरान एसीबी टीम वहां पहुंच गई। दोनों अफसरों ने टीम के साथ भी बदसलूकी की। डीजीपी प्रियदर्शी ने बताया कि इस सम्बंध में दोनों अधिकारियों के खिलाफ मांडलगढ़ थाने में राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज कराया। एसीबी की ओर से भी इनके खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया।