महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर ने छात्र-हित में डिजिटल युग का एक बड़ा और अभिनव कदम उठाया है। अब विद्यार्थियों को परीक्षा, प्रवेश या परिणामों की जानकारी के लिए न तो भटकना पड़ेगा और न ही भ्रामक सूचनाओं का शिकार होना पड़ेगा। विश्वविद्यालय ने सम्बद्ध सभी महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए अपना ‘आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल’ […]
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर ने छात्र-हित में डिजिटल युग का एक बड़ा और अभिनव कदम उठाया है। अब विद्यार्थियों को परीक्षा, प्रवेश या परिणामों की जानकारी के लिए न तो भटकना पड़ेगा और न ही भ्रामक सूचनाओं का शिकार होना पड़ेगा। विश्वविद्यालय ने सम्बद्ध सभी महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए अपना 'आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल' लॉन्च कर दिया है। एमएलवी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संतोष आनंद ने बताया कि इस चैनल के माध्यम से परीक्षात्मक, प्रवेश प्रक्रिया, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक घोषणाएं और अन्य जरूरी जानकारियां समयबद्ध व सुगमता से सीधे विद्यार्थियों के मोबाइल तक पहुंचेंगी।
शैक्षणिक शाखा प्रभारी प्रो. ममता चांवरिया ने बताया कि यह डिजिटल माध्यम विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय के बीच एक प्रत्यक्ष, पारदर्शी और प्रभावी संवाद स्थापित करेगा। आजकल सोशल मीडिया पर कई बार भ्रामक सूचनाएं फैल जाती हैं। इस आधिकारिक चैनल के शुरू होने से अफवाहों और भ्रम की स्थिति से पूरी तरह बचा जा सकेगा। त्वरित और प्रामाणिक सूचनाओं का सीधा संचार-प्रवाह सुनिश्चित होगा।
महाविद्यालय में इस चैनल के संयोजक प्रो. मनीष रंजन ने बताया कि जिले के सबसे बड़ा कॉलेज होने के नाते यहां नियमित और स्वयंपाठी (प्राइवेट) छात्रों की संख्या बहुत अधिक है। सभी छात्रों को इस चैनल से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत कॉलेज के मुख्य नोटिस बोर्ड, पुस्तकालय और सभी विभागों के नोटिस बोर्ड पर चैनल का नाम, लिंक और क्यूआर कोड चस्पा कर दिए गए हैं। विद्यार्थी बस एक स्कैन से चैनल से जुड़ सकते हैं। विद्यार्थियों के कक्षावार बने हुए सभी व्हाट्सएप ग्रुप्स में भी यह सूचना और लिंक प्रेषित कर चैनल से जुड़ने का आह्वान किया गया है।
प्राचार्य प्रो. संतोष आनंद ने विद्यार्थियों को यह स्पष्ट किया है कि यह व्हाट्सएप चैनल उनकी 'अतिरिक्त सुविधा और सुगमता' के लिए बनाया गया है। हालांकि सूचनाएं यहाँ मिलेंगी, लेकिन विश्वविद्यालय की अधिकृत वेबसाइट ही आधिकारिक कार्यों के लिए अंतिम रूप से मान्य रहेगी। उन्होंने सभी छात्रों से अपील की है कि वे व्हाट्सएप चैनल से जुड़ने के साथ-साथ निरंतर विवि की वेबसाइट का भी अवलोकन करते रहें। सभी संकाय सदस्यों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों को इस आधुनिक संप्रेषण प्रणाली से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।