पहले दिन 11 बजरी के ट्रैक्टर, गारनेट भरा डंपर और जेसीबी जब्त, खनन माफियाओं में मचा हड़कंप
राज्य सरकार के कड़े रुख के बाद प्रदेशभर में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान की शुरुआत सोमवार से हो गई। पहले दिन भीलवाड़ा जिले में खनिज विभाग और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध बजरी और गारनेट के कारोबार पर नकेल कसी। विभाग की विभिन्न टीमों ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 11 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, एक गारनेट से भरा डंपर और एक जेसीबी मशीन जब्त की।
मांडल थाना क्षेत्र में पुलिस ने कोठारी नदी के पेटे में अवैध दोहन की सूचना पर बड़ी कार्रवाई की। थानाप्रभारी रोहिताश्व यादव के नेतृत्व में टीम ने धूलखेड़ा के निकट कोठारी नदी में बजरी भर रही जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली को घेरा। पुलिस की दबिश देख खनन माफिया व चालक वाहनों को मौके पर ही छोड़कर भाग निकले। खास बात यह है कि कोठारी नदी में जहां से बजरी निकाली जा रही थी वहां मौक पर पानी भरा हुआ था। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार जहां पानी या तीन मीटर गहराई में बजरी का दोहन नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद खनन माफिया पानी से बजरी निकालने के साथ तीन मीटर से भी ज्यादा गहराई में बजरी का दोहन कर रहे हैं। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर खनिज विभाग को सुपुर्द कर दिया है।
सहायक खनिज अभियंता सुनील कुमार सनाढ्य ने बताया कि सोमवार रात 8 बजे तक की गई इस संयुक्त कार्रवाई में जिले के लगभग हर हिस्से में सतर्कता बरती गई। प्रदेश में नए सिरे से अवैध खनन पर लगाम कसने के लिए सरकार ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। भीलवाड़ा में हुई इस प्रारंभिक कार्रवाई से अवैध खनन कर्ताओं में हड़कंप मच गया है। खनिज विभाग के अनुसार, यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा ताकि राजस्व की चोरी को रोका जा सके और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन बंद हो।
यह हुई दिन भर की कार्रवाई