ड्रोन सर्वे व अन्य मांगों पर बनी सहमति, 12 करोड़ से अधिक का नुकसान
राजस्थान स्टोन क्रशर एसोसिएशन एवं चुनाई पत्थर एसोसिएशन की 19 दिनों से चल रही राज्यव्यापी हड़ताल दो दिन चली वार्ता के बाद मंगलवार को खत्म कर दी गई। इसमें खान विभाग की तकनीकी समिति के अध्यक्ष अतिरिक्त निदेशक महेश माथुर की अहम भूमिका रही। खनन व्यवसायियों का प्रतिनिधिमंडल लगातार मंत्री जोगाराम पटेल के संपर्क में रहा। वार्ता के बाद ड्रोन सर्वे सहित प्रमुख मांगों में शिथिलता प्रदान करने का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद संगठनों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला किया।
भारी आर्थिक नुकसान
19 दिन की हड़ताल से प्रदेश में 8500 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो चुका है। सिर्फ भीलवाड़ा जिले में 12 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान का अनुमान है। कई सरकारी ठेके खंडित हो चुके हैं और निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़े थे।
मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट
भीलवाड़ा जिले के बिजौलियां, करेड़ा, आसीन्द, जहाजपुर, रायपुर-सहाड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में करीब 50 हजार से अधिक मजदूर बेरोजगार हो गए थे। हड़ताल से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका संकट में पड़ गई थी। हड़ताल में कई संगठन स्टोन क्रशर एवं चेजा पत्थर संगठन, ग्रेनाइट, मार्बल एसोसिएशन, बजरी ठेकेदार, पीडब्ल्यूडी संवेदक शामिल थे। भीलवाड़ा क्रशर एवं चेजा पत्थर संघ अध्यक्ष अनिल सोनी ने बताया कि हड़ताल से न केवल खनन कार्य ठप हुआ बल्कि निर्माण कार्य भी प्रभावित हुआ।
अब फिर शुरू होगा काम
बुधवार से खदानों और क्रशरों में कामकाज पुनः शुरू होगा। हड़ताल के स्थगित होने से मजदूरों और खनन व्यवसायियों ने राहत की सांस ली है।