जिला कलक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग ने कसा शिकंजा, 28.68 लाख रुपए का थमाया जुर्माना
राजस्थान पत्रिका की ओर से खनन माफिया के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम का बड़ा असर हुआ है। पुर के पास मालीखेड़ा में चल रहे चुनाई पत्थर के अवैध खनन पर जिला प्रशासन और खनिज विभाग ने कार्रवाई की है। 'पत्रिका' के 28 दिसंबर के अंक में "माफिया का हौसला बुलंद, प्रशासन की आंखें बंद" शीर्षक से प्रकाशित समाचार को जिला कलक्टर ने बेहद गंभीरता से लिया। कलक्टर की सख्ती के बाद हरकत में आए खनिज विभाग ने न केवल मौके पर पंचनामा बनाया, बल्कि दो खातेदारों की जमीन की खातेदारी निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद जिला कलक्टर ने खनिज अभियंता महेश शर्मा से पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की। इसके बाद शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने मालीखेड़ा में दबिश दी। हालांकि, कार्रवाई की भनक लगते ही खननकर्ता भाग निकले, लेकिन जमीन पर सीना चीरकर निकाले गए पत्थर और ताजे खनन के निशान माफिया की कारगुजारी खुद बयां कर रहे थे। विभाग ने पटवारी के साथ मिलकर पैमाइश की तो अवैध खनन की भयावह तस्वीर सामने आई।
खनिज विभाग ने मौके पर मिली रिपोर्ट के आधार पर दो मुख्य खातेदारों को चिन्हित कर उन पर कुल 28.68 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई है।
28 दिसंबर को पत्रिका ने खुलासा किया था कि कैसे प्रशासन की नाक के नीचे खनन माफिया सरकार से ऊपर होकर काम कर रहे हैं। इस खुलासे के बाद विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। इसमें अवैध खनन की पुष्टि हुई।
अवैध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोनों खातेदारों की जमीन निरस्त करने के लिए तहसीलदार को पत्र लिखा जा रहा है। राजस्व रेकॉर्ड से खातेदारी समाप्त करने की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी।"
- महेश शर्मा, खनिज अभियंता, भीलवाड़ा