भीलवाड़ा

Rajasthan: मंत्री झाबर सिंह खर्रा के सामने फूटा कार्यकर्ताओं का गुस्सा, जमकर सुनाई खरी-खरी, पुलिस से भी धक्का-मुक्की

Minister Jhabar Singh Kharra: नगर विकास न्यास (यूआईटी) परिसर में उस वक्त तनाव का माहौल बन गया, जब फॉलोअप शहरी सेवा शिविर का जायजा लेने पहुंचे नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा के आगमन के साथ ही स्थानीय जनता व कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा।
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Updated: 25 Jul 2026, 9:43 AM IST
Minister Jhabar Singh Kharra
मंत्री के सामने तीखे तेवर दिखाते हुए कायकर्ता। फोटो: पत्रिका

भीलवाड़ा। नगर विकास न्यास (यूआईटी) परिसर में उस वक्त तनाव का माहौल बन गया, जब फॉलोअप शहरी सेवा शिविर का जायजा लेने पहुंचे नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा के आगमन के साथ ही स्थानीय जनता व कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। 'भीलवाड़ा भूमि संरक्षक एवं विकास सेवा संस्थान' के बैनर तले अपनी फरियाद लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं को जब मुख्य द्वार पर ही भारी पुलिस बल ने रोक दिया, तो माहौल अचानक गर्मा गया। अपनी बात रखने से रोके जाने पर नाराज कार्यकर्ताओं का धैर्य जवाब दे गया और पूरा परिसर 'प्रशासन मुर्दाबाद' व मंत्री के खिलाफ कड़े नारों से गूंज उठा।

प्रदर्शनकारी पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे मंत्री झाबर सिंह खर्रा तक पहुंचने की कोशिश करते दिखे, जिससे मौके पर खासी धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति बन गई। बढ़ते बवाल और बिगड़ते हालात को देखते हुए मौके पर तैनात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश आर्य, पुलिस उपाधीक्षक नेमीचंद चौधरी, सज्जन सिंह तथा सुभाषनगर थाना प्रभारी कैलाश कुमार विश्नोई ने तुरंत कमान संभाली। पुलिस अधिकारियों ने भारी जद्दोजहद के बाद उग्र कार्यकर्ताओं को शांत कराया और बीच-बचाव करते हुए मध्यस्थता की। आखिरकार, तनाव कम करने के लिए कांग्रेस नेता एवं संस्थान अध्यक्ष महेश सोनी की अगुवाई में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मंत्री झाबर सिंह खर्रा से मिलने के लिए अंदर जाने की अनुमति दी गई।

पद ही रिक्त कैसे हो काम

मंत्री झाबर सिंह खर्रा के समक्ष पहुंचते ही महेश सोनी ने पिछले तीन महीनों से न्यास में सचिव का पद खाली होने से पेंडिंग पड़े कामों, राहत न मिलने और मुख्यमंत्री जन आवास योजना (नेहरू विहार) के आवेदकों को रजिस्ट्री न मिलने, बापूनगर में एक भूखंड धारक के भूखंड पर कब्जे होने, भूखंड आंवटन लॉटरी अभी तक अधर में होने से जैसे गंभीर मुद्दों पर बेहद तीखे तेवर दिखाए। सोनी ने शिविर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों व जाप्ते की तैनाती को लेकर भी नाराजगी जताई।

कार्यकर्ताओं को ​​शिविर में जाने से रोकता पुलिस जाप्ता।

मंत्री ने भी ली चुटकी

सोनी के कड़े और आवेशपूर्ण लहजे को देखकर माहौल एक बार फिर गरमाया, लेकिन मंत्री खर्रा ने स्थिति को संभालते हुए समस्याओं के समाधान के प्रति आश्वस्त किया। इतना ही नहीं तुरंत चुटकी ली और कहा कि "आपके राज में तो एक-एक साल तक सचिव नहीं लगता था!" इस तंज के साथ मंत्री ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और जल्द समाधान का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। इस दौरान तत्कालीन मेयर राकेश पाठक भी मौजूद रहे।

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25 Jul 2026, 9:43 AM IST
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