Monsoon in Rajasthan : भीलवाड़ा में हुई मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में जल भराव के हालात बन गए और जनजीवन प्रभावित हुआ...
भीलवाड़ा। दक्षिण पश्चिमी Monsoon के कोटा—उदयपुर संभाग से होकर प्रदेश में प्रवेश करने के साथ ही राजस्थान के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है जिसके चलते बांधों में पानी की आवक बढऩे लगी है। बीते चौबीस घंटे में भीलवाड़ा के काछोला में छह इंच हुई बारिश से जनजीवन थम गया, वहीं प्रतापगढ़ के पीललखूंट में सर्वाधिक करीब आठ इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। भीलवाड़ा के काछोला में 143, कोटड़ी 105, बांसवाड़ा में 135, अलवर 90 और कठूमर में 119 मिमी पानी बरसा। इसके अलावा झालावाड़, झुंझुनू, नागोर, दौसा, भरतपुर, चित्तौड़, बारां, सीकर और अजमेर में भी मेघ मेहरबान हुए।
राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में बीती रात से छाई घनघोर घटाओं से आज भी झमाझम बारिश होने की उम्मीद है। दूसरी तरफ मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में पूर्व और पश्चिम के करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा जिलों में अगले चौबीस घंटे में भारी बारिश होने की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है।
अगले 48 घंटे में यहां भी पहुंच जाएगा मानसून
अगले 48 घंटे में दक्षिण पश्चिमी मानसून प्रदेश के अन्य जिलों के साथ उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में दस्तक देने का पूर्वानुमान जारी किया है। बीते चौबीस घंटे में बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और भीलवाड़ा में हुई मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में जल भराव के हालात बन गए और जनजीवन प्रभावित हुआ।
बांधों में पानी की भारी आवक
जिलों के बांधों में भी पानी की आवक भारी बारिश के चलते तेज हो गई। मूसलाधार बारिश से सडक़ परिवहन सेवाएं भी आंशिक रूप से प्रभावित हुई। मौसम विभाग ने सवाई माधोपुर, कोटा, झालावाड़, बारां, उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौडगढ़़, डूंगरपुर, राजसमंद, जोधपुर, जालोर, सिरोही, चूरू और प्रतापगढ़ में अगले चौबीस घंटे में दो इंच व उससे ज्यादा बारिश होने का अलर्ट जिला प्रशासन को भेजा है।