
भारतीय सेना की जानकारी पाकिस्तान के आइएसआइ एजेंटों को देने के मामले में भीलवाड़ा जिले के बेमाली के रहने वाले नारायण गाडरी से राजस्थान इंटेलिजेंस पुलिस गहनता से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आइएसआइ एजेंटों ने नारायण को पाकिस्तान जाने का भी ऑफर दिया था। इंटेलिजेंस नारायण के बैंक खाते को खंगाल रही है।
सूत्रों के अनुसार नारायण पहले कुल्फी बेचता था। उसके बाद ट्रक का चालक-खलासी भी रहा। यहां तक की नारायण बकरी पालन तक कर चुका है। बार-बार अपना काम बदलता था। वह पांचवी तक पढ़ा हुआ है। उसे फेसबुक पर एक लिंक मिला था। उस लिंक के जरिए एक व्हाटसअप ग्रुप से जुड गया। उस ग्रुप में अश्लील सामग्री शेयर की जाती थी। इस ग्रुप में पाकिस्तान समेत कई देशों के नागरिक जुड़े हुए थे। बाद में इस ग्रुप को नारायण ने छोड़ दिया। नारायण के ग्रुप छोड़ने पर एक दिन उसके मोबाइल पर कॉल आया। उसने ग्रुप छोड़ने का नारायण से कारण पूछा। उसके बाद दोनों में बातचीत होने लगी। उसे पाक बैठे लोगों ने वहां आने का भी ऑफर दिया था। इसके लिए पाक हैंडलर पूरा खर्चा उठाने को तैयार थे। उसने दस्तावेज भी सांझा कर दिए। पाक हैंडलरों ने नारायण से सिम खरीद कर मंगवाई थी। इसके बदले उसके खाते में राशि डाली गई।
यह था मामला
इंटेलिजेंस पुलिस भारतीय सेना की जानकारी पाकिस्तान के आइएसआइ एजेंटों को देने के मामले में नारायण समेत दो जनों को शनिवार को गिरफ्तार किया था। इनमें एक जयपुर का है। यह लोग धनराशि के प्रलोभन में पाकिस्तान को गोपनीय जानकारी भेजते थे। इसके लिए फर्जी सैन्यकर्मी बनकर सेना के जवानों से दोस्ती कर जानकारी हासिल करते थे।