
भीलवाड़ा।
स्कूलों से वंचित बच्चों को प्रवेश दिलाने में संस्था प्रधानों के रुचि नहीं लेने से अब तक लक्ष्य का आधा आंकड़ा भी पार नहीं हुआ है। खास बात है कि इस बार सरकार का जोर है कि गांव में कोई भी ड्रॉपआउट बच्चा नहीं रहे। इसके लिए बार-बार वीडियो कांफ्रेंसिंग की जा रही है। शिक्षा विभाग ने प्रवेशोत्सव कार्यक्रम भी करने के निर्देश दिए पर स्कूलों में मात्र खानापूर्ति हो रही है। यही वजह है कि बच्चों को प्रवेश दिलाने में पीछे रह गए।
इस बार शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक शिक्षा को 16,034 बच्चों का लक्ष्य दिया। इसमें से 9 जुलाई तक 8063 बच्चों को ही प्रवेश दिला पाए। इसी तरह माध्यमिक शिक्षा को 17,158 बच्चों का लक्ष्य दिया है। एडीईओ तेजकरण बहेडि़या ने बताया कि नवप्रवेशी का आंकड़ा 18 हजार पार हो चुका है। स्थिति यह है कि अभी प्रारंभिक स्कूलों में इस काम को गंभीरता से नहीं किया गया है।
उजियारी में नामांकन को लेकर बैठक आज
सर्व शिक्षा अभियान व रमसा के एडीपीसी योगेश पारीक ने बताया कि हमंे जो लक्ष्य मिला है इसे 15 जुलाई तक हर हाल में पूरा करना है। इसके बाद उजियारी पंचायत के लिए नामांकन किया जाएगा। इसमें लक्ष्य है कि उस पंचायत क्षेत्र में कोई भी बच्चा स्कूल आने से नहीं छूटे। इसके लिए 15 जुलाई को शाला दर्पण पर एप प्रारंभ हो जाएगा। इसमें उजियारी पंचायत के लिए नामांकन करेंगे। 384 में से कम से कम 200 पंचायतों का लक्ष्य रखा है जिसमें शत प्रतिशत नामांकन हो। इसकी तैयारी के लिए गुरुवार सुबह 11 बजे राबामावि गांधीनगर में समीक्षा बैठक होगी। इसमें सभी बीईईओ व नोडल संस्था प्रधान भाग लेंगे।
ब्लॉक में इतने दिलाए प्रवेश
प्रारंभिक शिक्षा में नौ जुलाई तक कुल 8063 बच्चों को प्रवेश दिलाया। इसमें 4317 लड़के व 3746 लड़कियां है। आसींद में 734, बनेड़ा में 749, बिजौलियां में 722, हुरड़ा में 266, जहाजपुर में 285, कोटड़ी में 618, मांडल में 1495, मांडलगढ़ में 445, रायपुर में 331, सहाड़ा में 437, शाहपुरा में 511, सुवाणा में 779 व भीलवाड़ा शहर में 691 बच्चों को नवप्रवेशी है।
खानापूर्ति
जिले में सरकारी स्कूलों में कहने को प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है। इसके तहत गांव में रैली निकालने व घर-घर जाकर बच्चों को प्रवेश दिलाने का कार्यक्रम करना है। लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं है।
प्रारंभिक शिक्षा में नवप्रवेशी का लक्ष्य पूरा होना बाकी है। हम लगातार समीक्षा कर रहे हैं। यदि 15 जुलाई तक आंकड़ा पूरा नहीं होगा तो संबंधित संस्था प्रधान को नोटिस दिया जाएगा।
राधेश्याम शर्मा, डीईओ प्रारंभिक