भीलवाड़ा

मोबाइल पर बात करते हुए व शराब पीकर वाहन चलाने वाले फंसेंगे इसके चंगुल में, नियम तोड़ने वालों पर लगेगी लगाम

यातायात नियम तोडऩे वाले चालकों की लगाम कसने की तैयारी है
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new interceptor in bhilwara
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भीलवाड़ा।

यातायात नियम तोडऩे वाले चालकों की लगाम कसने की तैयारी है। यातायात पुलिस को गुरुवार को नया इन्टरसेप्टर वाहन मिला। विभाग के पास पहले इन्टरसेप्टर था लेकिन पुराना हो जाने से कण्डम हो गया था। नया वाहन जयपुर से आया।


पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी प्रदीप मोहन शर्मा, एएसपी पारस जैन, मोटर टेक्नीकल ऑफिसर ने इसे यातायात प्रभारी महावीर राव को सौंपा। राव ने बताया कि इस वाहन से एक किलोमीटर दूर से ज्यादा स्पीड से वाहन चलाने वालों, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने वालों, शराब पीकर वाहन चलाने वालों को पकड़ा जा सकेगा और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी।


64 साल बाद मिला अपनी जमीन पर कब्जा

भीलवाड़ा. 64 वर्ष से अपनी जमीन पर कब्जा हासिल करने का प्रयास कर रहे माण्डलगढ पंचायत समिति के सुरास निवासी किशना बलाई और उनके परिवार के लिए राजस्व लोक अदालत अभियान खुशियां लेकर आया।
गांव में स्थित 21 बीघा 16 बिस्वा जमीन पर पिछले 64 वर्षो से कब्जा धारण करने वाले लखमी चंद धाकड़ व अन्य ने समझाइश के बाद जमीन के असली मालिक किशना बलाई और उनके परिवार को जमीन का कब्जा सौंपा।
उपखण्ड अधिकारी माण्डलगढ गोपाल सिंह शेखावत ने बताया कि ग्राम सुरास में स्थित 21 बीघा 16 बिस्वा भूमि घीसा पिता देवा बलाई के नाम से रिकार्ड में दर्ज थी।


इस भूमि पर लखमी चन्द धाकड व अन्य का पुरानी लिखा-पढ़ी के आधार पर सन् 1954 से कब्जा चला आ रहा था एवं इस जमीन के संबंध में इनके द्वारा न्यायालय में दावा भी किया हुआ था। उपखण्ड अधिकारी ने कैंप में बुलाकर दोनों पक्षों को सुना एवं लखमी चंद धाकड़ एवं अन्य समझाइश की गई। समझाइश के बाद वादीगण पिछले 64 वर्षो से विवादित भूमि का कब्जा प्रतिवादीगण को देने को राजी हो गए।

Published on:
08 Jun 2018 03:43 pm