
भीलवाड़ा .
कोरोना पॉजिटिव होने के बाद मरीज नेगेटिव हो गए है। वे स्वस्थ भी है। लेकिन अन्य किसी तरह की बीमारी को लेकर किसी भी प्रकार की जांच कराने से उनमें घबराहट है या फिर वे जांच करवाने से ही कतरा रहे है। लोगों का मानना है कि अभी वे इंतजार कर रहे हैं ताकि कुछ दिनों बाद जांच करवाए। उन्हें डर हैं कि कहीं फिर कोरोना की चपेट में न आ जाए, लेकिन चिकित्सकों का कहना है कि यदि कोई परेशानी है तो वे तत्काल जांच करावें।
लोगों को यह हो रही परेशानी
कुछ मरीजों को अलग-अलग प्रकार की परेशानी हो रही है, जिन्हें अधिकांश कोरोना से जोड़कर देख रहे हैं। कोरोना पॉजिटिव से नेगेटिव होने के बाद कई लोगों को कमजोरी का अनुभव हो रहा है। खांसी, सांस लेने में परेशानी, चक्कर आना, थकान, हल्का बुखार, जोड़ों में दर्द और उदासी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। इसे कोविड सिम्पटम भी कहा जाता है। ऐसे में किसी तरह का फिर से जांच कराने में कतरा रहे है।
पोस्ट कोविड वार्ड में ओपीडी
महात्मा गांधी चिकित्सालय में खोले गए पोस्ट कोविड वार्ड में प्रतिदिन दर्जनों लोग जांच के लिए आ रहे हैं, जबकि इसमें किसी को भी भर्ती नहीं किया। सरकार ने हाल में पोस्ट कोविड मरीजों की परेशानी को देखते हुए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर पोस्ट कोविड वार्ड खोले। कुछ चिकित्सकों के मुताबिक ऐसे कई मरीज सामने आ रहे हैं, जिनकी कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी लक्षण बने हुए हैं और उन्हें इलाज की जरूरत पड़ रही है।
यह सता रहा है डर
एमजीएच में आने वाले मरीजों में डर है कि जाने क्या नई समस्या सामने आ जाए, इसे लेकर कुछ मरीज जांच से या फिर से दिखाने से डर रहे हैं। कई मरीजों को फिलहाल कोई समस्या नहीं है, लेकिन जब वे कोरोना को लेकर सोचते हैं तो उन्हें लगता है कि वे अभी भी बीमार है। कई मरीज मेडिसिन ओपीडी में आ रहे हैं, ये मरीज फिजिशियन को दिखा रहे हैं। कोरोना ओपीडी में जाने से उन पर कोरोना का टैग लगने का डर रहता है। इसके कारण भी पोस्ट कोविड वार्ड में दिखाने से डर रहे है।
कम आ रहे हैं मरीज
सरकार की नई गाइड लाइन के अनुसार कोरोना संक्रमित से नेगेटिव होने के बाद भी किसी तरह की परेशानी है तो ऐसे मरीजो को देखने के लिए अलग से पोस्ट कोविड वार्ड खोला गया है। फिलहाल कोरोना ओपीडी में मरीज कम आ रहे हैं। अभी तक किसी को भर्ती नहीं किया गया है।
डॉ. अरुण गौड़, अधीक्षक एमजीएच भीलवाड़ा