
राजस्थान के भीलवाड़ा (शाहपुरा) जिले की फुलियाखुर्द ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मशहूर फिटनेस यूट्यूबर पवन साहू की पत्नी कोमल साहू (तेली) को भले ही हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन चुनावी नतीजों के तुरंत बाद पवन साहू का एक नया और सकारात्मक रूप देखने को मिला है। चुनाव के दौरान दिनभर फर्जी वोटिंग के आरोपों, हंगामे और पुलिस से नोकझोंक के बाद जब देर रात नतीजे घोषित हुए और उनकी पत्नी तीसरे स्थान पर रहीं, तो इसके बाद पवन साहू ने अपने समर्थकों के बीच बैठकर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है।
हार के इस गम को पीछे छोड़ते हुए पवन साहू ने अपने समर्थकों का हौसला बढ़ाया और एक भावुक संदेश दिया। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने चाहने वालों का आभार जताते नजर आ रहे हैं।
समर्थकों के बीच बैठे पवन साहू ने शांत और सुलझे हुए अंदाज में कहा कि महज पांच दिनों के भीतर उन्होंने जिस तरह से इस चुनावी मैदान में दम दिखाया, वह अपने आप में एक कड़ा और शानदार मुकाबला था। उन्होंने कहा, "अपने पास सिर्फ और सिर्फ पांच दिन थे। और पांच दिन में जो हमने किया, वह बहुत अच्छा किया। मुझे लगता है कि हमने एक तरह से टफ कॉम्पिटिशन पार किया है, और यह भी हर किसी के बस की बात नहीं थी।"
इसके साथ ही उन्होंने अपनी हार को सहजता से स्वीकार करते हुए कहा कि उनके जीवन का दायरा सिर्फ सरपंच पद तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा, "जिन भी लोगों ने मेरे साथ मेहनत इतनी भाग-दौड़ की, उन सब लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद। हम सिर्फ चुनाव ही हारे हैं, लेकिन अपने लिए सिर्फ सरपंच पद ही बहुत कुछ नहीं था। सरपंच के अलावा भी अपनी निजी लाइफ में बहुत कुछ है।"
चुनावी प्रचार के दौरान दिन-रात एक करने वाले अपने साथियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताते हुए पवन साहू ने उन्हें आश्वस्त किया कि भले ही चुनाव परिणाम उनके पक्ष में न आए हों, लेकिन जनता के साथ उनका रिश्ता पहले की तरह ही मजबूत बना रहेगा। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "चुनाव प्रचार के दौरान जो भी लोग मेरे साथ रहे, मैं आपसे बस इतना ही कहूंगा कि मैं हमेशा आप सभी के साथ रहूंगा, हर परिस्थिति में। जो भी हमारे साथ रहे, किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। जब भी जरूरत होगी, चाहे रात का 1 बज रहा हो, पवन आपके लिए हाजिर हो जाएगा।"
फुलियाखुर्द ग्राम पंचायत में कुल 2,380 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इस कड़े मुकाबले में-
भगवती लाल सोनी ने सबसे अधिक 1,203 वोट पाकर सरपंच पद पर शानदार जीत हासिल की।
कालू राम जाट ने 797 वोट हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया।
कोमल साहू (पवन साहू की पत्नी) को 277 वोट मिले और वे इस चुनाव में तीसरे स्थान पर रहीं।
चुनाव से ठीक पहले पवन साहू ने अपने निजी संसाधनों से गांव में विकास कार्यों की शुरुआत करने, पानी की किल्लत दूर करने और घर-घर जाकर वोट की अपील करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। हालांकि, जमीनी सियासत के समीकरणों ने वर्चुअल दुनिया के इस बड़े स्टार के पक्ष में परिणाम नहीं आने दिए, लेकिन हार के बाद पवन साहू के इस सकारात्मक और जुझारू तेवर ने उनके समर्थकों का दिल जीत लिया है।
यूट्यूब पर 27 मिलियन सब्सक्राइबर
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गौरतलब है कि पहले फेज़ के चुनाव के दौरान भी ठीक इसी तरह का चुनाव नतीजा सामने आया था। सोशल मीडिया की दुनिया में लाखों-करोड़ों फैंस रखने वाले इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर ओमप्रकाश बिश्नोई को जोधपुर जिले की ओसियां तहसील से सरपंच चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था । डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाखों लोगों के दिलों पर राज करने वाले ओमप्रकाश को उनके अपने ही गांव के लोगों का समर्थन नहीं मिल सका और कुल 1,600 मतदाताओं वाले गांव में उन्हें सिर्फ 33 वोटों से ही संतोष करना पड़ा।