- चुनावी वर्ष में राजस्थान में प्रधानमंत्री का पहला कार्यक्रम, भाजपा का गुर्जर समाज से अपनत्व और वैश्विक जुड़ाव में कमल के फूल को पिरोया
हीरेन जोशी. कानाराम मुण्डियार
मालासेरी डूंगरी. आसींद (भीलवाड़ा)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आसींद से पूरे देश के गुर्जर समाज को बड़ा संदेश दिया है। गुर्जर समाज के आराध्य भगवान देवनारायण के 1111वें अवतरण दिवस पर मोदी ने कहा कि भगवान का अवतरण कमल के फूल पर हुआ था। संयोग है कि आज देश जी-20 का नेतृत्व कर रहा है, उसका लोगो भी कमल का फूल है। उन्होंने कहा कि हमारी तो पैदाइश ही कमल के फूल से है। ऐसे में आपका और हमारा नाता कुछ गहरा है। उन्होंने कहा कि भगवान देवनारायणजी का बुलावा आया और जब भगवान देवनाराण का बुलावा आए तो कोई मौका छोड़ता है क्या? यहां प्रधानमंत्री के रूप में नहीं बल्कि, पूरे भक्तिभाव से सबकी तरह एक यात्री के रूप में आशीर्वाद लेने आया हूं।
मोदी ने 28 मिनट तक के भाषण में राजस्थान के शौर्य, गुर्जर समाज के बलिदान, देशप्रेम, भारत के वैश्विक रुतबे सहित राजनीतिक संदेश भी दिए। इससे पहले मालासेरी डूंगरी में भगवान देवनारायण के प्राकट्य स्थल पर पूजा अर्चना की। 21 मिनट तक यज्ञशाला में पूर्णाहुति दी।
सबका साथ सबका विकास मंत्र यहीं से-
प्रधानमंत्री ने भाजपा के सबका साथ सबका विकास ध्येय वाक्य को भी भगवान देवनारायण की प्रेरणा बताया। मोदी ने कहा कि भगवान देवनारायण ऐसे ऊर्जा पुंज और अवतार थे, जिन्होंने अत्याचारियों से हमारे जीवन और हमारी संस्कृति की रक्षा की। भला जी भला देव भला... इसी उद्घोष में भले की कामना है। सबके साथ का सबके विकास का रास्ता इसी से है। बीते आठ-नो वर्ष में देश समाज के हर उस वर्ग को सशक्त करने का प्रयास कर रहा है। जो उपेक्षित वंचित रहा है। वंचितों को वरियता इसी मंत्र को आगे लेकर दे रहे हैं।