भीलवाड़ा

प्रोसेस हाउस संचालकों ने वापस लिया 2 प्रतिशत हैंडलिंग चार्ज

- कपड़ा व्यापारियों का चार दिन से चल रहा गतिरोध हुआ समाप्त
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Oct 04, 2025
Process house operators withdraw 2 percent handling charge
Process house operators withdraw 2 percent handling charge

प्रोसेस हाउस संचालकों की ओर से 1 अक्टूबर से लगाए गए 2 प्रतिशत हैंडलिंग चार्ज को शुक्रवार सुबह वापस ले लिया गया। इसके साथ ही चार दिन से चल रहा कपड़ा व्यापारियों का गतिरोध भी समाप्त हो गया। व्यापारियों ने दोबारा अपना कपड़ा प्रोसेस हाउस भेजना शुरू कर दिया। इससे पहले शुक्रवार दोपहर कलक्ट्रेट के सामने मुखर्जी उद्यान में होने वाली कपड़ा व्यापारियों की बैठक व विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रोसेस हाउस संचालकों ने आपात बैठक बुलाई। इसमें तय किया कि 2 प्रतिशत चार्ज हटाया जाए। संचालकों ने तुरंत व्यापारियों को मेल व फोन के जरिए सूचना दे दी। हालांकि, भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन तक सूचना देर से पहुंचने पर व्यापारी विरोध जताने के लिए निर्धारित समय पर उद्यान में एकत्र हुए। हैंडलिंग चार्ज हटाने का निर्णय भी कपड़ा व्यापारियों के दीपावली बाद लगाने के आग्रह पर किया था।

व्यापारियों ने जताया विरोध

बैठक में व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिना चर्चा किए उन पर मनमानी चार्ज लगा दिया। उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध किया और कलक्टर व सांसद दामोदर अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने स्पष्ट कहा कि यह चार्ज वापस नहीं लिया गया तो उद्योग बंद की नौबत आ जाएगी। टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन अध्यक्ष व सांसद अग्रवाल ने कहा कि यदि लागत बढ़ रही है तो प्रोसेस हाउस संचालक प्रोसेसिंग दरें बढ़ा सकते हैं, लेकिन अलग से दो प्रतिशत चार्ज लगाना गलत है। फेडरेशन संस्थापक अध्यक्ष श्याम चांडक, संस्थापक रामेश्वर काबरा, महासचिव प्रेमस्वरूप गर्ग व कार्यवाहक महासचिव अंकित शर्मा ने कहा कि यदि लेवी कर निर्णय वापस नहीं लिया जाता तो उद्योग बंद कर दिए जाएंगे और मजदूर सड़कों पर उतरेंगे।

क्या है लेवी चार्ज

लेवी किसी सरकार या प्राधिकरण द्वारा लगाया गया अनिवार्य शुल्क या कर होता है। इसे नियमों के तहत वसूला जा सकता है।

क्या है हैंडलिंग चार्ज

हैंडलिंग चार्ज किसी उत्पाद को गोदाम से ग्राहक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में आने वाली अतिरिक्त लागत है। इसमें पैकिंग, श्रम व सामान के रखरखाव का खर्च शामिल होता है।

वेयर हाउस बना दिया

प्रोसेस हाउस संचालकों का कहना है कि व्यापारी प्रोसेस हाउस को वेयर हाउस की तरह उपयोग करते हैं। कपड़ा छह माह से लेकर एक साल तक वहीं पड़ा रखते है। कई बार रि-प्रोसेस करना पड़ता है और थैलियां बदलनी पड़ती हैं। भुगतान समय पर नहीं होता। इसी कारण यह चार्ज लगाया गया था। लेकिन इसे लेवी बताकर प्रचारित किया गया, जो गलत है। भीलवाड़ा में 22 प्रोसेस हाउस में 50 करोड़ मीटर से अधिक प्रोसेस होता है। इसमें 7 से 10 दिन लगते है। व्यापारी अपनी सुविधा से तैयार कपड़ा उठाते हैं। भुगतान 15 से 30 दिन बाद करते हैं। इससे अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक भार पड़ता है। कई बार कपड़े का बीमा करवाना पड़ता है। इसके चलते 2 प्रतिशत हैंडलिंग चार्ज लगाया था।

वीविंग मिल्स एसोसिएशन ने बढ़ाए दाम

इधर, सिंथेटिक वीविंग मिल्स एसोसिएशन ने 15 सितंबर को कपड़े पर 25 पैसा प्रति मीटर अतिरिक्त शुल्क बढ़ाकर 2 रुपए कर दिया। रोलिंग चार्ज भी 30 पैसे से बढ़ाकर 50 पैसा प्रति मीटर कर दिया गया है। यह दरें 16 सितंबर से लागू हो गई हैं। जबकि मजदूर व कारीगर को 45 पैसा मीटर ही दिया जाता है। हालांकि इस मामले में फेडरेशन के महासचिव प्रेमस्वरूप गर्ग ने कोई भी जवाब देने से इंकार कर दिया।

Updated on:
04 Oct 2025 09:35 am
Published on:
04 Oct 2025 09:35 am