
भीलवाड़ा।
सिंधी समाज के आराध्यदेव झूलेलाल के निर्वाण दिवस पर तीन दिवसीय अर्धचेटीचण्ड ८ अक्टूबर से मनाया जाएगा। इसे लेकर झूलेलाल मंदिर मंडल, सिंधुनगर पदाधिकारी की महत्वपूर्ण बैठक मंडल अध्यक्ष रतन चंदानी की अध्यक्षता व समाजसेवी वीरूमल पुरसानी के आतिथ्य में हुई।
मंदिर प्रवक्ता पंकज हेमराजानी ने बताया कि 10 अक्टूबर को अर्धचेटीचण्ड पर्व मनाया जाएगा। कार्यक्रम का आगाज 8 अक्टूबर को मंदिर में भजन संध्या से होगा। कोटा की भजन मंडली की ओर से 9 अक्टूबर को भजन संध्या होगी। मुख्य आयोजन के तहत 10 अक्टूबर सुबह 10 बजे से भजन-कीर्तन होंगे। भजन मंडलियों द्वारा लाल साईं के पंजड़े व विभिन्न भजन गाकर झूलेलाल का स्तुतिगान किया जाएगा।
मंदिर के भिश्ती दलों की ओर से बहिराणा साहिब की तैयारियां कर अखण्ड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी। दोपहर 12.15 बजे झूलेलाल की प्रतिमा का शृंगार कर चांदी का मुकुट धारण करवाया जाएगा। मंदिर शिखर पर ध्वजा रोहण होगा। दोपहर डेढ़ बजे से आम भण्डारा होगा। शाम 5 बजे से खैरथल के शहनाई वादकों की स्वर लहरियों के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी। बापूनगर स्थित झूलेलाल मंदिर में 1 से 8 अक्टूबर तक रात्रि 8 से 11 बजे तक गैर नृत्य का आयोजन होगा। 9 अक्टूबर को बच्चों की फैंसी ड्रेस व महिलाओं की चेयर रेस प्रतियोगिता होगी। मंदिर अध्यक्ष कृपालदास लखवानी ने यह जानकारी दी।
राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी
बाल वाटिका मासिक एवं विनायक विद्यापीठ के तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी व सम्मान समारोह शनिवार को विनायक विद्यापीठ भूणास में होगा। संगोष्ठी का उद्घाटन सुबह दस बजे नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष एलएन डाड करेंगे। अतिथि दिल्ली के राष्ट्र किंकर के संपादक एवं राष्ट्रवादी चिंतक विनोद बब्बर होंगे। विशिष्ट अतिथि साहित्यकार डॉ.आईदानसिंह भाटी जोधपुर, बाल साहित्यकार भंडारा महाराष्ट्र के डॉ. हरिषचन्द्र बोरकर एवं जम्मू विश्वविद्यालय के डोगरी विभाग के प्रोफेसर एवं अध्यक्ष डॉ. शिवदेव मन्हास होंगे। इस सत्र में बाल वाटिका पुस्तक का लोकार्पण होगा। समारोह संयोजक डॉ. भैंरूलाल गर्ग ने बताया कि दोपहर सवा बारह बजे से प्रथम चर्चा सत्र होगा। इसमें संस्कार, संस्कृति और बाल साहित्य विषय पर बालकाव्य के संदर्भ में पत्रवाचन एवं विचार-विमर्श होगा। अपरान्ह ३ बजे से केंद्रीय विषय पर बालकथा के संदर्भ में पत्रवाचन एवं विचार-विमर्श होगा।