भीलवाड़ा शहर के आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में मंगलवार से आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। अष्टानिका महापर्व पर आठ दिवसीय श्रीसिद्धचक्र महामण्डल विधान का आगाज हुआ। पंडित जयकुमार जैन के निर्देशन में आयोजित इस अनुष्ठान को लेकर श्रावकों में भारी उत्साह है। सुबह घटयात्रा निकाली गई। ट्रस्ट सचिव […]
भीलवाड़ा शहर के आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में मंगलवार से आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। अष्टानिका महापर्व पर आठ दिवसीय श्रीसिद्धचक्र महामण्डल विधान का आगाज हुआ। पंडित जयकुमार जैन के निर्देशन में आयोजित इस अनुष्ठान को लेकर श्रावकों में भारी उत्साह है। सुबह घटयात्रा निकाली गई।
ट्रस्ट सचिव अजय बाकलीवाल ने बताया कि जैन धर्म में अष्टानिका पर्व का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यह एक शाश्वत पर्व है जो वर्ष में तीन बार कार्तिक, फाल्गुन और आषाढ़ माह शुक्ल पक्ष की अष्टमी से पूर्णिमा तक मनाया जाता है। यह आठ दिन नंदीश्वर द्वीप की आराधना, देव दर्शन और आत्मशुद्धि के लिए समर्पित होते हैं। विधान संयोजक मिश्रीलाल अग्रवाल व सहसंयोजक महावीर सेठी ने बताया कि सुधासागर निलय में होने वाले इस आयोजन में 108 इन्द्र-इन्द्राणी जोड़े के रूप में मंडल पर अर्घ्य समर्पित करेंगे। इसके सौधर्म इंद्र अजय-नीना पंचौली, कुबेर इंद्र सन्तकुमार-मंजुदेवी पाटनी, श्रीपाल-मैना सुन्दरी ज्ञानचन्द-जम्बूदेवी, महायज्ञनायक महेन्द्र-सुमन सेठी एवं यज्ञनायक महावीर-सरिता झांझरी होंगे। जबकि ईशान इंद्र मिश्रीलाल-कमलादेवी व सानत इंद्र महावीर-मुन्नादेवी सहभागिता करेंगे।