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विधानसभा कंट्रोल रूम बंद, फिर भी एडीपीसी दफ्तर में जमे हैं शिक्षक

सीबीईओ के आदेश भी बेअसर, आभा खेड़ी के शिक्षक पर मेहरबानी

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Assembly control room closed, yet teachers are gathered in ADPC office

विधानसभा कंट्रोल रूम बंद, फिर भी एडीपीसी दफ्तर में जमे हैं शिक्षक

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और माध्यमिक शिक्षा निदेशक के सख्त आदेशों के बावजूद भीलवाड़ा में समग्र शिक्षा अभियान (समसा) कार्यालय में मनमानी का खुला खेल चल रहा है। शिक्षा मंत्री की स्पष्ट मंशा है कि किसी भी शिक्षक को जब तक बहुत आवश्यक ना हो, कार्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर न लगाया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान न हो। लेकिन, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक कल्पना शर्मा के लिए उच्चाधिकारियों के आदेश शायद कोई मायने नहीं रखते।

इसका प्रत्यक्ष उदाहरण समसा कार्यालय में देखने को मिल रहा है, जहां विधानसभा सत्र समाप्त होने और कंट्रोल रूम बंद होने के लगभग एक महीने बाद भी शिक्षक नियम विरुद्ध तरीके से कार्यालय में ड्यूटी दे रहा है। हालांकि एडीपीसी का दावा है कि शिक्षक को दूसरे कार्य के कारण यहां रोक रखा था।

क्या है पूरा मामला

एडीपीसी कल्पना शर्मा ने 27 जनवरी 2026 को 18वीं विधानसभा के पांचवें सत्र के लिए समसा कार्यालय में एक विधानसभा कंट्रोल रूम स्थापित किया था। इसमें कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, शक्करगढ़ के शिक्षक आशीष झवर, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, आभा खेड़ी सुवाणा के शिक्षक जितेंद्र कुमार, समसा कार्यालय के कार्मिक महेश नायक और राजू सुवालका शामिल है। नियम के अनुसार यह ड्यूटी केवल विधानसभा सत्र चलने तक ही सीमित रहती है और सत्र समाप्त होते ही शिक्षकों को वापस अपने मूल विद्यालय में सेवाएं देनी होती हैं।

आदेशों की अनदेखी और दोहरा मापदंड

माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने 19 मार्च 2026 को आदेश जारी कर विभाग के सभी कार्यालयों में स्थापित विधानसभा कंट्रोल रूम तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं आदेशों की पालना में जिले की मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अरूणा गारू ने भी जिले के सभी कंट्रोल रूम बंद कर वहां नियुक्त कार्मिकों को उनके मूल स्थान पर भेजने के आदेश दिए। एडीपीसी कल्पना शर्मा ने आदेश की पालना दिखाते हुए शक्करगढ़ के शिक्षक आशीष झवर को तो उनके मूल विद्यालय के लिए रिलीव कर दिया, लेकिन आभा खेड़ी के शिक्षक जितेंद्र कुमार को रिलीव कर हाथो-हाथ दूसरे कार्य के नाम पर भीलवाड़ा समग्र शिक्षा कार्यालय में ही रोक लिया। वह एक माह से यही पर कार्य कर रहा है। इस मनमानी का सीधा खामियाजा उन स्कूली बच्चों को उठाना पड़ रहा है, जिनकी पढ़ाई शिक्षक के अभाव में प्रभावित हो रही है।

मार्च माह के कार्य के लिए लगाया था

कंट्रोल रूप पहले ही बंद कर दिया था। जितेंद्र कुमार को मार्च माह में सूचनाए तैयार करने के लिए लगाया था। उसे भी गुरुवार शाम को रिलिव कर दिया है।

कल्पना शर्मा, एडीपीसी समग्र शिक्षा