
भीलवाड़ा डेयरी में अब कलक्टर राज, प्रशासक नियुक्त
भीलवाड़ा डेयरी के निर्वाचित संचालक मंडल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब डेयरी का जिम्मा जिला प्रशासन के हाथों में आ गया है। सहकारी समितियां अजमेर खंड के अतिरिक्त रजिस्ट्रार संजीव कुमार ने गुरुवार को आदेश जारी कर जिला कलक्टर को डेयरी का प्रशासक नियुक्त कर दिया है। राजस्थान पत्रिका ने मामले को प्रमुखता से उठाते हुए पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि डेयरी के प्रशासक कलक्टर होंगे, इस पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है।
इस घटनाक्रम में डेयरी प्रबंधन की लेटलतीफी सामने आई है। डेयरी के निर्वाचित संचालक मंडल का कार्यकाल 9 अप्रेल को पूर्ण हो गया। नियम के अनुसार कार्यकाल खत्म होने से पहले या उसी दिन विभाग को अवगत कराया जाना चाहिए था, लेकिन डेयरी प्रबंधन ने तीन दिन बाद यानी 13 अप्रेल को सहकारिता विभाग (अजमेर खंड) को पत्र लिखकर बताया कि संचालक मंडल का कार्यकाल समाप्त होने के कारण संघ के नीतिगत निर्णय लेने में बाधा हो रही है। कलक्टर आगामी छह माह अथवा नई समिति के निर्वाचन होने तक (जो भी पहले हो) डेयरी के प्रशासक के रूप में कार्यभार संभालेंगे। संघ के चुनाव के लिए राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण जयपुर को 29 दिसंबर 2025 को ही अभ्यर्थना भेजी जा चुकी है।
जिले के चार सबसे बड़े और महत्वपूर्ण विभागों की कमान कलक्टर के हाथ में आ गई है। इनमें जिला परिषद, नगर विकास न्यास, नगर निगम तथा भीलवाड़ा डेयरी शामिल है।
डेयरी के बोर्ड पर नजर डालें तो 1972 में पहली बार जगदीश राम शर्मा की प्रशासक के रूप में नियुक्ति हुई थी। तब से लेकर 9 अप्रेल 2026 तक के सफर में 18 बार प्रशासक, एक बार मनोनीत अध्यक्ष और 6 बार निर्वाचित अध्यक्ष ने कमान संभाली है। निर्वाचित अध्यक्षों में से 4 बार रामलाल जाट ने अपना कार्यकाल पूरा किया। पांचवीं बार अध्यक्ष चुने जाने के बाद राजस्व मंत्री बनने पर पद से त्यागपत्र दे दिया। इस्तीफे के बाद से डेयरी में नए अध्यक्ष का चुनाव नहीं हुआ और कुर्सी खाली रही।
8 अप्रेल 2021 को संचालक मंडल के चुनाव हुए थे और 10 अप्रेल 2021 को रामलाल जाट चेयरमैन निर्वाचित हुए। लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन नहीं टिकी। 21 नवंबर 2021 को रामलाल जाट ने प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री पद की शपथ ली। 'वन पर्सन-वन पोस्ट' और सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत, मंत्री बनने के कारण उन्होंने 4 दिसंबर 2021 को डेयरी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। तब से लेकर आज तक, यानी पिछले साढ़े चार साल से भीलवाड़ा डेयरी बिना किसी चेयरमैन के, केवल 11 संचालक मंडल सदस्यों के भरोसे चल रही है।
Published on:
17 Apr 2026 08:47 am
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