गिरफ्तारी के बाद जब आरोपियों के मोबाइल जब्त कर उनके व्हाट्सएप कॉल और चैट के रिकॉर्ड खंगाले गए, तो भ्रष्टाचार की परतें खुलती चली गईं। जांच में सामने आया कि डीएमएफटी (DMFT) फंड से हुए निर्माण कार्यों के बिल पास करने के बदले अधिकारियों का एक पूरा नेटवर्क अवैध वसूली में लगा हुआ था।