
अवैध बजरी को जब्त करते खनिज विभाग के अधिकारी (पत्रिका फोटो)
Bhilwara Kothari and Banas River Sand Mining: भीलवाड़ा शहर के अजमेर रोड स्थित कोठारी नदी पर नवनिर्मित हाई-लेवल ब्रिज के आसपास बजरी माफियाओं ने आतंक मचा रखा है। नदी क्षेत्र में बजरी की कोई वैध लीज नहीं होने के बावजूद माफिया बेखौफ प्राकृतिक संसाधनों को छलनी कर रहे हैं। हैरत ये है माफिया अब न केवल खुलेआम अवैध दोहन कर रहे हैं, बल्कि पुलिस और प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं।
बजरी माफिया ने सुरक्षा का अभेद चक्रव्यूह बना रखा है। नदी के अंदर संचालित डंपरों और जेसीबी की सुरक्षा के लिए ब्रिज पर हमेशा गुर्गे तैनात रहते हैं। ये गुर्गे बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार होकर नदी क्षेत्र की रेकी करते हैं। जैसे ही उन्हें किसी के आने की आहट होती है, वे तुरंत मोबाइल से डंपर और जेसीबी चालकों को सतर्क कर देते हैं।
इससे बजरी माफिया कानून के हाथ पहुंचने से पहले ही फरार हो जाते हैं। पत्रिका की टीम जब मौके पर पहुंची तो ब्रिज पर तैनात गुर्गे वहां से मोटरसाइकिल लेकर भाग निकले और तुरंत नदी के अंदर काम कर रहे अपने साथियों को सचेत कर दिया। सूचना मिलते ही सभी वाहन चालक बिना बजरी भरे ही वहां से भाग छूटे।
भीलवाड़ा जिले के मंगरोप क्षेत्र में बह रही बनास नदी से किए जा रहे अवैध बजरी खनन के खिलाफ मंगरोप थाना पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने गुरुवार सुबह सालरिया गांव के पास बनास नदी के पेटे में दबिश देकर अवैध बजरी से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया। कार्रवाई से बजरी माफिया में हड़कंप मच गया।
थानाप्रभारी विजय मीणा ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर सालरिया गांव के पास बनास नदी में कार्रवाई की गई। यहां बिना रॉयल्टी और अवैध रूप से बजरी का खनन कर परिवहन किया जा रहा था। पुलिस ने दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर थाने लाया गया। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। मंगरोप पुलिस बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई में शीर्ष पर है।
कोठारी नदी से हो रहे बजरी के अवैध खनन और परिवहन पर प्रशासन की सख्ती नजर आ रही है। गुरुवार को अजमेर रोड स्थित अंशल सुशांत सिटी आवासीय कॉलोनी में खनिज विभाग और मांडल पुलिस की टीम ने मौके से करीब 800 टन बजरी जब्त की है।
खनिज अभियंता प्रवीण अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान पत्रिका के गुरुवार के अंक में 'कोठारी नदी में अवैध बजरी का खुला खेल, प्रशासनिक सुस्ती से माफिया बेखौफ' शीर्षक से प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए फोरमैन श्रवण सोलंकी और ज्योति पटेल को मौके पर भेजा। वहां एक प्लांट पर 28 डंपर बजरी स्टॉक की हुई मिली, जिसका कुल वजन करीब 800 टन आंका गया है।
कार्रवाई के दौरान मांडल थाना प्रभारी रोहिताश्व यादव भी साथ थे। जांच में सामने आया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से वहां 1300 मीटर लंबी सड़क बनाने का करीब 1.40 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया था। मौके पर मैनेजर पवन चौहान से पूछताछ की तो सामने आया कि जिस खाली भूखंड पर यह बजरी पड़ी थी, वह भगवती देवी अजमेरा का है। भूखंड पर अशोक सोमाणी की ओर से बजरी का स्टॉक किया गया।
ठेकेदार ने दावा किया कि यह बजरी 'रॉयल्टी पेड' है, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज या रसीद पेश नहीं कर सका। खनिज अभियंता ने स्पष्ट किया है कि ठेकेदार को संबंधित रॉयल्टी रसीद और वैध दस्तावेज पेश करने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो इस बजरी को पूरी तरह अवैध मानते हुए ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
12 Jun 2026 11:03 am
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