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Jaipur Factory Blast: पुलिस-प्रशासन की अनदेखी से सुलगता रहा पटाखों का काला कारोबार, 500 मकान तलाशे, 100 गोदाम चिन्हित

Jaipur Patakha Factory Blast: दीपावली और शादियों के सीजन के बाद बचे पुराने पटाखों का अवैध कारोबार राजधानी जयपुर में वर्षों से चल रहा है। पुलिस-प्रशासन की अनदेखी के चलते रिहायशी इलाकों में पटाखों के गोदाम संचालित होते रहे। हाल ही में फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद जांच में करीब 500 मकानों की तलाशी ली गई, जिनमें 100 से अधिक संदिग्ध गोदाम चिन्हित किए गए हैं।

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जयपुर

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Arvind Rao

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मुकेश शर्मा

Jun 12, 2026

Jaipur Patakha Factory Blast

Jaipur Patakha Factory Blast (Patrika Photo)

Jaipur factory blast update: जयपुर: दीपावली और शादी-ब्याह के सीजन के बाद बच जाने वाले करोड़ों रुपए के पटाखे आखिर जाते कहां हैं? पुराने बारूद का एक नया काला कारोबार शुरू हो जाता है। बाजार में नहीं बिके पटाखे, जिनका सुरक्षित निस्तारण होना चाहिए, वे अवैध फैक्ट्रियों में पहुंचकर नए पैकेट और नए ब्रांड का चोला पहन लेते हैं।

इस खेल में सुरक्षा नियमों को बारूद की तरह उड़ा दिया जाता है। नतीजे में कभी पानों का दरिबा जलता है, कभी खोह नागोरियान कांप उठता है। सवाल सिर्फ अवैध पटाखों का नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम का है, जिसकी अनदेखी से यह कारोबार सालों से फल-फूल रहा है और हर हादसे के बाद भी जारी है। जयपुर सहित राजस्थान में कई जगह न केवल मजदूरों की जान जोखिम में है, आम लोगों की जिंदगी भी खतरे में पड़ रही है।

मौत का बारूद…पुराने पटाखे और नया पैकेट

केस नंबर-1: पानों का दरिबा, जयपुर

सितंबर 2023 में जयपुर के सुभाष चौक थाना क्षेत्र स्थित पानों का दरिबा इलाके में पुराने पटाखों को नया रूप देने के दौरान भीषण आग लग गई थी। हादसे में दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। तब जांच में सामने आया कि रिहायशी क्षेत्र में पटाखों की अवैध प्रोसेसिंग की जा रही थी।

केस नंबर-2: ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में छिपा नेटवर्क

जयपुर के अलावा जोधपुर, अजमेर, बीकानेर, अलवर, झुंझुनूं और भरतपुर सहित कई जिलों में समय-समय पर पुलिस और प्रशासन ने अवैध पटाखा निर्माण एवं भंडारण के ठिकाने पकड़े हैं। आगजनी की घटनाओं से ऐसे मामलों का खुलासा हुआ है।

केस नंबर-3: खोह नागोरियान, जयपुर

हाल ही 9 जून को खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा गोदाम में हुए विस्फोट ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। कई लोगों की मौत हुई और मासूम बच्चों तक की जान चली गई। पता चला कि बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री आवासीय क्षेत्र में जमा थी। इस हादसे ने निगरानी तंत्र की पोल खोल दी।

500 मकान तलाशे, 100 गोदाम चिह्नित

जयपुर पुलिस ने गुरुवार को खोह नागोरियान क्षेत्र और आसपास करीम नगर, रहीम नगर, तलाई, आयशा नगर, उजेफा नगर और अक्ष विहार सहित विभिन्न क्षेत्रों में करीब 500 मकानों की तलाशी ली। अवैध गतिविधियों की जांच के लिए ड्रोन और डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई। 100 गोदाम चिन्हित किए गए गए हैं।

एक रूई का गोदाम, दो प्लास्टिक गोदाम तथा एक मोटरसाइकिल गोदाम मिला। जहां करीब 50 बुलेट मोटरसाइकिलें मॉडिफाइड साइलेंसर और फर्जी नंबर प्लेटों के साथ खड़ी मिलीं। संदेह के आधार पर इन गोदामों को सील कर दिया गया। वहीं, लालकोठी थाना प्रभारी प्रकाशराम विश्नोई खोह नागोरियान थाने का पद संभालकर सीधे मैदान में उतरे।

नए थानाधिकारी पहुंचे

दाउद नगर स्थित मकान संख्या ए-46 में संचालित फैक्ट्री पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में अवैध पटाखे, विस्फोटक सामग्री और पटाखा बनाने के उपकरण बरामद किए गए। इस मामले में कयूम खान, याकूब खान समेत अन्य लोगों के खिलाफ नया मामला दर्ज किया गया है। वहीं, एक अन्य फैक्ट्री में भी जब्ती हुई, जिसके संबंध में अलग से प्रकरण दर्ज होगा।

आर्थिक सहायता हो

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया राजस्थान के प्रतिनिधि मंडल ने खोह नागोरियान घटना के मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। जयपुर जिला अध्यक्ष खालिद अंसारी और जिला उपाध्यक्ष सिकंदर अली ने जयपुर कलेक्टर को ज्ञापन देकर सरकार से 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की मांग की।

जवाब मांग रहे सुलगते सवाल

  • पुराने और एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके पटाखों का निस्तारण कैसे होता है?
  • लाइसेंसी गोदामों में तय मात्रा से अधिक माल रखने वालों पर कितनी कार्रवाई हुई?
  • अवैध पटाखा फैक्ट्रियां महीनों तक संचालित होती हैं तो स्थानीय पुलिस को जानकारी क्यों नहीं होती?
  • विस्फोटक विभाग और जिला प्रशासन की नियमित जांच कितनी प्रभावी है?
  • हर बड़े हादसे के बाद कार्रवाई होती है, लेकिन स्थायी समाधान क्यों नहीं निकलता?

क्या बोले अफसर

खोह नागोरियान क्षेत्र सहित जहां भी अवैध पटाखा फैक्ट्री होने की आशंका है, वहां डोर-टू-डोर सर्वे करवाया जा रहा है। सर्वे के बाद उस क्षेत्र में अवैध पटाखा भंडारण और फैक्ट्री मिलती है तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-सचिन मित्तल, पुलिस कमिश्नर

जहां भी पुराने पटाखों से नए पटाखे बनाने की फैक्ट्री मिलती है या फिर अवैध भंडारण मिलता है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-करण शर्मा, डीसीपी वेस्ट

अग्निकांड में कौन सी विस्फोटक सामग्री थी। इसकी जांच करवाई जा रही है। दो तीन दिन में जांच रिपोर्ट मिल जाएगी।
-रंजीता शर्मा, डीसीपी ईस्ट

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