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Jaipur Factory Blast: 2 साल से रिहायशी इलाके में चल रही थी मौत की फैक्ट्री, प्रशासन चेतता तो बच सकती थीं 8 जानें

Khoh Nagoriyan Blast: राजधानी जयपुर के खोह नागोरियन थाना क्षेत्र के करीम नगर तलाई एरिया में मंगलवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक छोटे से मकान में अवैध पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ये पटाखा फैक्ट्री दो साल से चल रही थी, इसके बावजूद जिम्मेदार बेखबर थे।

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जयपुर

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Arvind Rao

Jun 10, 2026

Jaipur Factory Blast News

Jaipur Khoh Nagoriyan Factory Blast News (Patrika Photo)

Jaipur Firecracker Factory Fire: जयपुर के खोह नागोरियान के रिहायशी इलाके में संचालित पटाखा फैक्ट्री पिछले दो साल से अधिक समय से चल रही थी। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही थी। न तो अग्निशमन यंत्र मौजूद थे और न ही किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध थे।

ऐसे में अब पुलिस का कहना है कि फैक्ट्री संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस भी नहीं लिया गया था। विस्फोटक सामग्री के निर्माण और भंडारण जैसे संवेदनशील कार्य के बावजूद यह इकाई घनी आबादी वाले क्षेत्र में संचालित होती रही। लेकिन इस पर संबंधित विभागों की नजर नहीं पड़ी।

देश में हैं पटाखा फैक्ट्री-गोदाम के कायदे कानून

देश में पटाखा निर्माण कारखानों और भंडारण (गोदाम) के लिए कड़े सुरक्षा मानक निर्धारित हैं। ये मुख्य रूप से विस्फोटक अधिनियम, 1884, विस्फोटक नियम, 2008 तथा पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (पेसो) के दिशा-निर्देशों के तहत लागू होते हैं। आग और विस्फोट की घटनाओं को रोकने के लिए निम्न प्रमुख मानक होने चाहिए।

ये तो होना ही था क्योंकि…

नियमों मेंः लाइसेंस और स्वीकृति पेसो से लाइसेंस अनिवार्य है। स्थानीय निकाय, अग्निशमन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की आवश्यक स्वीकृतियां हों।
जमीन पर: इनमें से कुछ भी नहीं।

नियमों में: कारखाना और गोदाम घनी आबादी से दूर स्थापित किए जाएं। भवनों, सड़कों और अन्य इकाइयों से न्यूनतम सुरक्षित दूरी निर्धारित होती है।
जमीन परः रिहायशी घर अगल-बगल हैं।

नियमों में: पटाखों की मिक्सिग, भराई, सुखाने, पैकिंग और भंडारण के लिए अलग-अलग कमरे होने चाहिए।
मौके परः एक छोटे से भवन में सभी कुछ किया जा रहा था।

नियमों में: प्रत्येक शिफ्ट में निर्धारित संख्या से श्रमिक हों और तय मात्रा में रसायन या तैयार माल नहीं रखा जाए।
जमीन परः कोई निगरानी नहीं

नियमों में: फायर एक्सटिंग्विशर, पानी, रेत अन्य अग्निशमन संसाधन।
जमीन पर: कुछ नहीं।

क्या बोले पुलिस और प्रत्यक्षदर्शी

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खोह नागोरियान निवासी कयूम खान ने दिल्ली निवासी फिरोज को करीम नगर तलाई में मकान किराए पर दे रखा है, जिसमें पटाखा बनाए जाते हैं। सुबह 11 बजे फैक्ट्री में आग लग गई और विकराल रूप धारण कर लिया। अंदर मौजूद लोग आग की चपेट में आ गए। बारूद से उनके शरीर जल गए।

बचाव कर्मियों ने जब मकान के भीतर प्रवेश किया तो वहां का दृश्य बेहद भयावह था। कई लोग गंभीर रूप से झुलसे मिले। सभी घायलों को पहले जेएनयू अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को सवाई मान सिंह अस्पताल रेफर कर दिया गया।

तीन ने मौके पर, जबकि पांच व्यक्तियों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मरने वालों में पीरजी कॉलोनी ढूंढियो की ढाणी खोह नागोरियान निवासी मोहम्मद अशरफ (40), मोहम्मद रब्बिल (16) रहीम नगर निवासी अब्दुल वहीद (46) समीर खान (20) बिलाल (28) अजीम (18) और नासिर खान (25) शामिल हैं।

एक मृतक की शिनाख्त नहीं हुई। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मकान मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। घटना के बाद एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। विशेषज्ञों ने विस्फोट के कारणों और वहां रखी सामग्री की जांच शुरू कर दी है।

आग की लपटों से बचने के लिए दौड़े लोग

हादसे के समय फैक्ट्री में कई मजदूर काम कर रहे थे। आग से बचने के लिए वे जान बचाने के लिए बाहर भागे। कुछ लोग आग की लपटों में घिरे हुए ही बाहर आए। झुलसे हुए लोग तड़प रहे थे और जान बचाने की गुहार लगा रहे थे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, दो साल से यह पटाखा फैक्ट्री चल रही थी। आसपास के लोगों ने बताया कि दिनभर पटाखे बनते। रात को वहां मौजूद लोग पटाखा बनाने के बाद उसे चलाकर चेक करते थे।

फिरोज की तलाश में जुटी पुलिस, दिल्ली से लाता था माल

हादसे के बाद फैक्ट्री संचालक फिरोज फरार है। फिरोज दिल्ली से पटाखों और विस्फोटक सामग्री से जुड़ा माल लेकर आता था और जयपुर में पटाखों की पैकेजिंग और संबंधित कार्य करवा रहा था। पुलिस के अनुसार, मकान मालिक कयूम भी फरार बताया जा रहा है। उनकी गिरफ्तारी के बाद ही पूरा सच सामने आ सकेगा।

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