25 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Dharmendra Pradhan Resigns: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर राजस्थान के BJP नेता का बड़ा बयान, युवाओं को लेकर कही अहम बात

Dharmendra Pradhan Resignation: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बीजेपी नेता गौरव वल्लभ की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इस्तीफा देने के पीछे का उद्देश्य देश के युवाओं को साजिश का हिस्सा बनने से बचाना बताया।
2 min read
Google source verification
Gaurav Vallabh on Dharmendra Pradhan Resignation

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बीजेपी नेता गौरव वल्लभ की प्रतिक्रिया

BJP On Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष इसे छात्रों के आंदोलन और लोकतंत्र की जीत बता रहा है। वहीं इसी को लेकर बीजेपी नेता गौरव वल्लभ की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि कुछ देश विरोधी ताकतें युवाओं को गुमराह कर देश की प्रगति रोकने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा निर्णय लिया, ताकि देश की युवा शक्ति किसी भ्रम या साजिश का हिस्सा न बने।

मोदी छात्रों का तनाव कम करने की करते हैं कोशिश

देश के प्रधानमंत्री जी का तो डायरेक्ट (direct) संवाद होता है GenZ के साथ। कल रात को भी उन्होंने किया, परसों रात को भी किया और समय-समय पर करते रहते हैं। हर साल सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों का तनाव कम करने के लिए मन की बात में अपने अनुभव और सुझाव साझा करते हैं। इसके अलावा उन्होंने 'एग्जाम वॉरियर्स' किताब भी लिखी, ताकि छात्र परीक्षा के दबाव से आसानी से निपट सकें।

आंकड़े गिनाकर बोले- 2014 के मुकाबले आज ज्यादा कॉलेज

गौरव वल्लभ ने कहा कि पिछले कुछ सालों में देश में उच्च शिक्षा का दायरा काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पहले 2014 में देश में सिर्फ 7 AIIMS थे, जो अब बढ़कर 23 हो गए हैं। इसी तरह IIT की संख्या 16 से बढ़कर 23, केंद्रीय विश्वविद्यालय 40 से बढ़कर 48 और IIIT 9 से बढ़कर 25 हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में कुल उच्च शिक्षण संस्थानों की संख्या 51,534 से बढ़कर 70,018 हो चुकी है।

छात्रों ने क्यों की थी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की शुरुआत NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के बाद हुई थी। पेपर लीक सामने आने के बाद सरकार ने परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का फैसला लिया, जिससे लाखों छात्र प्रभावित हुए। मानसिक दबाव में आकर 20 से ज्यादा बच्चों ने आत्महत्या कर ली। आपको बता दें कि 2024 में भी नीट का पपेर लीक हुआ था। लगातार पेपर में हो रही गड़बड़ियों के चलते छात्रों ने आवाज उठाना शुरू किया था और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ प्रोटेस्ट शुरू किया था।