
जयपुर पटाखा फैक्ट्री में जान गवांने वाले अब्दुल वहीद (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)
जयपुर। खोह नागोरियान स्थित पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार को हुए विस्फोट में 8 लोगों की जान चली गई। इस हादसे ने न केवल लोगों की जान ली, बल्कि कई परिवारों की उम्मीदें, सपने और भविष्य भी अपने साथ ले गया। हादसे के बाद अस्पताल से लेकर मुर्दाघर तक ऐसा मातम पसरा कि हर आंख नम हो उठी। जिन परिवारों के सदस्य सुबह रोजी-रोटी कमाने के लिए घर से निकले थे, उनके परिजन शाम तक उनकी सलामती की दुआ करते रहे, लेकिन बदले में मिली सिर्फ मौत की खबर आई।
खो नागोरियान हादसे में जान गंवाने वाले अब्दुल वहीद (50) के घर मंगलवार को सिसकियां और चीख-पुकार सुनाई दी। पिछले 10 दिन की छुट्टी के बाद काम के लिए गोदाम लौटे वहीद को यह अंदाजा भी नहीं था कि मंगलवार के दिन वह रोजी-रोटी कमाने नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी के आखिरी सफर पर निकला है। परिजन के अनुसार बुआ के निधन के कारण वह पिछले दस दिनों से छुट्टी पर था। पिछले करीब 6 माह से वह गोदाम पर हेल्पर का काम करता था। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है।
दोपहर करीब 12 बजे हादसे की सूचना मिली और कुछ देर बाद मौत की खबर घर पहुंची तो जैसे पूरा परिवार बिखर गया। पत्नी सायरा बानो का रो-रोकर बुरा हाल है। शव के पास बैठकर वह एक ही सवाल करती नजर आई कि पति के जाने के बाद मैं कैसे रहूंगी, किस तरह बच्चों का लालन-पालन करूंगी। उन्होंने कहा कि पता होता कि ये मौत के ढेर पर काम करते हैं, तो गोदाम पर हरगिज न जाने देती। वहीद अपने पीछे चार नाबालिग बच्चों, तीन बेटियां और एक बेटे को छोड़ गया है।
पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो भी परिवार का दर्द बढ़ा रहे हैं। वीडियो में घायल अवस्था में वहीद मदद के लिए तड़पता दिखाई दे रहा है। परिजन का कहना है कि जब भी वे यह दृश्य देख रहे हैं, तो दिल कांप रहा है। वहीद के पिता अब्दुल अजीज ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि परिवार में एक बेटा दिव्यांग है। ऐसे में वहीद ही परिवार का सबसे बड़ा सहारा था।
Updated on:
10 Jun 2026, 10:50 AM IST
Published on:
10 Jun 2026, 6:05 AM IST
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