खोह नागोरियान स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुआ विस्फोट केवल लोगों की जान ही नहीं ले गया, बल्कि कई परिवारों की उम्मीदें, सपने और भविष्य भी अपने साथ ले गया। हादसे के बाद अस्पताल से लेकर मुर्दाघर तक ऐसा मातम पसरा था कि हर आंख नम हो उठी, जिन परिवारों के सदस्य सुबह रोजी-रोटी कमाने के लिए घर से निकले थे, उनके परिजन शाम तक उनकी सलामती की दुआ करते रहे, लेकिन बदले में मिली सिर्फ मौत की खबर।