डीएपी के स्थान पर एसएसपी से कम लागत में अधिक उपज
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे डीएपी की जगह सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) उर्वरक का उपयोग करें ताकि कम लागत में अधिक उपज प्राप्त की जा सके। संयुक्त निदेशक कृषि विनोद कुमार जैन ने बताया कि सरसों, गेहूं और चना जैसी फसलों में एसएसपी का उपयोग अत्यंत लाभदायक है। एसएसपी में 16 प्रतिशत फॉस्फोरस और 11 प्रतिशत सल्फर पाया जाता है। जैन ने बताया कि एसएसपी में मौजूद सल्फर तिलहनी और दलहनी फसलों के लिए वरदान साबित होता है। राज्य में इसका उत्पादन होने से यह उर्वरक किसानों को आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
एक बैग डीएपी, तीन बैग एसएसपी
जैन ने बताया कि एक बैग डीएपी की कीमत में तीन बैग एसएसपी खरीदे जा सकते हैं। तीन बैग एसएसपी से मिलने वाले पोषक तत्वों का मूल्य लगभग 1900 होता है। जबकि एक बैग डीएपी से केवल 1350 मूल्य के तत्व प्राप्त होते हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, फसलों को संतुलित पोषण देने के लिए एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश) ग्रेड्स उर्वरक अधिक उपयुक्त हैं। मृदा की उर्वरा शक्ति बनाए रखने और फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए मृदा परीक्षण के आधार पर उपयुक्त ग्रेड का चयन करें।
सरसों में तेल और चने में प्रोटीन बढ़ाता है सल्फर
एसएसपी से 16.5 किलोग्राम अतिरिक्त सल्फर मिलता है। इससे सरसों में तेल की मात्रा और चने में प्रोटीन-विटामिन की मात्रा बढ़ जाती है। इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होता है। कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने किसानों से कहा कि बुवाई के समय उर्वरक को हमेशा कतारों में डालें, खड़ी फसलों में सिफारिश अनुसार यूरिया छिटकें। उर्वरकों का उपयोग मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिश के अनुसार करें।