भीलवाड़ा

देर रात इस घर में घुस आया ‘दहशतगर्द’… आंख बचा पड़ोसी के यहां ली शरण… फिर यूं चला रेस्क्यू आॅपरेशन

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Sep 06, 2018
snake rescued from a house in Bhilwara
snake rescued from a house in Bhilwara

लाडपूरा/ भीलवाड़ा। कस्बे में एक घर के अंदर बुधवार रात कोबरा घुसने से परिजनों को पड़ोसी के घर में रात गुजारनी पड़ी। सूचना पर गुरुवार को मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने कोबरा को पकड़कर जंगल में छोड़ा। जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात एक मकान में कोबरा घुसने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। घर के सभी सदस्यों को पड़ोसी के घर में रात गुजारनी पड़ी। गुरुवार सुबह फोरेस्टर हनुमान गुर्जर, लादूलाल शर्मा, वन रक्षक लोकेंद्र सिंह ने काफी मशक्कत के बाद कोबरा को पकड़ा तथा उसे जंगल में ले जाकर छोड़ा।


पहले भी हुआ कोबरा का लाइव रेस्क्यू
इसी तरह गुरलां कस्बे में 6 दिन पहले मंगलवार को सुबह बाबूलाल रेगर के नोहरे में 6 फिट लम्बा कोबरा निकला जो नोहरे में पाल रखी मुर्गियों में से 4 मुर्गियों को निशाना बना चुका था। इस कोबरा सांप को कुलदीप सिंह राणावत ने रेस्क्यू कर गुरलां के वन क्षेत्र में छोड़ दिया। गुरलां के नारायणलाल माली ने बताया कि गुरलां निवासी बाबूलाल रेगर ने उसके नोहरे में मुर्गी पालन कर रखा है। जहां रक्षाबंधन के दिन नोहर में एक मुर्गी मरी हुई थी।

वही मंगलवार की सुबह फिर एक मुर्गी और मरी हुई मिली जिस पर रेगर को शंका हुई कि कोई जानवर नोहरे में है और उसके काटने की वजह से ही मुर्गियां मरी है। फिर रेगर ने नोहरे की छानबीन की तो मुर्गियों की कोठी (घर) में बैठा हुआ काले रंग का कोबरा दिखाई दिया। इस पर रेगर ने कुलदीप सिंह राणावत को सूचना देकर नोहरे में बुलाया जहां राणावत ने रेसक्यू करके सांप को लोहे की छड़ी की सहायता से पकड़ कर प्लास्टिक के डिब्बे में बंद करके उसे गुरलां के जंगल में छोड़ दिया। राणावत ने बताया कि कोबरा बहुत जहरीला सांप होता है । राणावत द्वारा रेगर के नोहरे में किये गये रेस्क्यू के दौरान सांप को पकड़ने की कला को देखने के लिए गुरलां के ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई थी ।

माली ने बताया कि इससे पूर्व भी अगस्त माह में 18 तारीख को गुरलां के ही भगवानदास के घर में 8 फिट लंबा सांप घुस गया था। जिसे भी वाइल्ड एनिमल रेस्क्यू सेंटर एंड एजुकेशन एंड ह्यूमन सोसाइटी के सचिव कुलदीपसिंह राणावत ने ही सर्च ऑपरेशन शुरू करके उसे पकड़ा था। जो इंडियन रेड स्नेक प्रजाति का सांप था । राणावत इन सांपों को पकड़ कर जंगल में ले जाकर छोड़ देते हैं । कुलदीप सिंह राणावत का मानना है कि प्रकृति को बचाना है तो जीव को बचाना जरूरी है।

Published on:
06 Sept 2018 04:28 pm