
death preparing sports injuries javelin student chest in bhilwara
बरुंदनी।
मुनिकुल ब्रह्मचर्याश्रम वेद संस्थान में भाला लगने से छात्र सचिन की मौत भले असामयिक घटना थी पर संस्थान की बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्कूल में खेलकूद के लिए शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) ही नहीं था। अप्रशिक्षित शिक्षक बच्चों को अभ्यास करा रहे थे। दोपहर तक तैयारी हुई। फिर स्टाफ शिक्षक दिवस समारोह में व्यस्त हो गए। बच्चों के पास कोई नहीं था। कक्षा6 से आठवीं तक के बच्चों की प्रतियोगिता थी। विद्यालय से कबड्डी- खो-खो की टीम भी जानी थी। इस स्कूल के सीनियर्स को टोंक में भाला प्रतियोगिता में पदक जीता था। इसी उत्साह से जूनियर्स को भी भाला फेंकने को तैयार किया गया।
दो दिन पहले आया
दो भाइयों में सचिन छोटा था। पिता की मौत हो गई थी। भाई जसवंत हमीरगढ़ में फोटोग्राफी कर परिवार पाल रहा था। मृतक सचिन वहां छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था। दो दिन पहले ही सचिन घर से हॉस्टल आया।
रास्ते से नदारद शिक्षक
परिजनों को आरोप है, स्कूल के शिक्षक सचिन को रास्ते में ग्रामीणों के भरोसे छोड़ भागे। परिजन अस्पताल पहुंचे तो शव मोर्चरी जा चुका था। मृतक के भाई जसवंत व मां का रो-रोकर बुरा हाल था। दोनों को संभालना भारी पड़ गया।
पैर में चोट क्यों?
मृतक के सीने के साथ पैर में चोट थी। परिजनों का आरोप कि भाला सीने में लगा तो पैर के नाखून क्यों उखड़े। पैर में चोट कैसे लगी। उधर, प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा, शिक्षक तुरंत बाइक पर सिंगोली ले गए। रास्ते में उसका पैर अन्य वाहन से भिड़ गया।
सुरक्षा घेरे में स्कूल
घटना को देखते हुए विद्यालय के बाहर सुरक्षा का घेरा कड़ा कर दिया गया। बरूंदनी चौकी प्रभारी नरेश सुखवाल के साथ बड़ी संख्या में जाप्ता लगाया गया। वहीं जिला मुख्यालय से भी आरएसी वहां भेजी गई।
यह आकस्मिक दुर्घटना थी। शिक्षक व कर्मचारी छात्र का उपचार कराने समय पर लेकर भी गए। दुर्भाग्यवश निधन हो गया। लापरवाही का आरोप निराधार है। यह सहीं है कि विद्यालय में शारीरिक शिक्षक नहीं है।क
मुरलीधर पंचोली, प्रबंधक वेद संस्थान बरूंदनी
Published on:
06 Sept 2018 04:01 pm
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