
पारोली।
कांटी गांव में एक महिला की बीमारी से मौत हो गई। सरपंच व परिजन उसे स्वाइन फ्लू से मौत होना बता रहे हैं। इधर, चिकित्सा विभाग के अधिकारी स्वाइन फ्लू से मौत से इनकार कर रहे हैं, लेकिन घर-घर सर्वे के साथ ही टेमीफ्लू दवा भी बंटवा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार कांटी निवासी माया (25) पत्नी नंदलाल लोदा को बुखार-जुकाम होने पर परिजन जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल लाए व भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। ग्रामीण स्वाइन फ्लू से मौत बता रहे हैं। हालांकि निजी चिकित्सालय पुष्टि नहीं कर रहा है। इधर, चिकित्सा विभाग की टीम ने गांव में सर्वे कर परिजनों व लोगों को टेमीफ्लू दवा बांटी।
महिला की मौत स्वाइन फ्लू से हुई है, जबकि चिकित्सक इस बात की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। मृतका के परिजनों की शिकायत पर जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर चिकित्सा विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर मामले की जांच की है।
शंभू लोदा, सरपंच कांटी
स्वाइन फ्लू से महिला की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी रोगी को स्वाइन फ्लू की संदिग्ध मरीज मानते हुए मृतक महिला के नौ परिजनों को टेमी फ्लू दी गई है। मृतका माया लोदा पति के साथ भीलवाड़ा में रह रही थी।
डॉ.प्रेमचंद कुमावत, चिकित्सा अधिकारी, पारोली
टीपूनाड़ी में स्वाइन फ्लू से वृद्ध की मौत
गंगापुर. निकटवर्ती टीपूनाड़ी गांव के स्वाइन फ्लू मरीज की सोमवार को उदयपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद चिकित्सा विभाग की टीम ने गांव में सर्वे किया व दवा वितरित की। चिकित्साधिकारी छैलबिहारी सविता ने बताया कि रोशनलाल टांक (65) को गत दिनों सर्दी-जुकाम हो गया। उदयपुर में कराई गई जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। रोशन लाल की सोमवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। क्षेत्र में लगातार स्वाइन फ्लू के रोगी मिलने से दहशत का माहौल है। पूर्व में भी एक महिला की मृत्यु हो चुकी है।