
भीलवाड़ा।
जिले के हजारो करदाता, सीए एवं कर सलाहकार बुधवार को परेशानी में रहे। बीते दो दिन से विभागीय सर्वर स्लो चल रहा है। 31 अक्टूबर को तीन तरह के रिटर्न की अंतिम तिथि थी। ऐसे में सुबह पहले बिजली कट से परेशानी हुई। फिर इंटरनेट की कम स्पीड से परेशानी हुई। वकीलों व सीए के अनुसार उन्हें दिनभर बिजली निगम व सिक्योर कम्पनी को ही फोन करने पड़े। इन्टरनेट सही चलने व बिजली सुचारू होने के बाद रिटर्न भरने का काम शुरू हुआ है। परेशानी की बात यह है कि सर्वर धीमा होने की वजह से रात 12 बजे तक रिटर्न भरने का समय होने के बावजूद सैकड़ों करदाताओं की रिटर्न नहीं भरी जा सकी।
31 अक्टूबर को इनकम टैक्स में ऑडिट रिटर्न, जीएसटीआर-1 व वैट की वार्षिक रिटर्न भरी जानी थी। इनकम टैक्स ऑडिट रिटर्न उन आयकरदाताओं के लिए भरनी जरूरी है जिनकी वार्षिक बिक्री एक करोड़ रुपए से अधिक या शुद्ध मुनाफा बिक्री का 8 प्रतिशत है। यह रिटर्न नहीं भरी जाने पर एक लाख रुपए कम से कम जुर्माने का प्रावधान है। वहीं जीएसटीआर-1 मासिक रिटर्न होती है। करदाताओं को 1 जुलाई 17 से 30 सितम्बर 18 तक के लिए यानी 15 माह की रिटर्न भरनी थी। समय से रिटर्न नहीं भरी जाने पर 200 रुपए प्रति रिटर्न प्रतिदिन की पैनल्टी है।
वैट 10 ए की तारीख 30 तक बढ़ी
सरकार ने वैट की वार्षिक रिटर्न वैट 10 ए की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। वाणिज्यिक कर विभाग के आयुक्त आलोक गुप्ता ने एक आदेश जारी कर वैट 10 ए की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 नवम्बर कर दी है। वैट 10 ए में करदाता को साल की रिटर्न का हिसाब देना होता है। नए आदेश से जिले के हजारों करदाता लाभान्वित होंगे।