भीलवाड़ा

परीक्षाओं और नए सत्र के बीच शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी से राहत

- कलक्टर ड्यूटी लगाएं तो शासन सचिव और तहसीलदार लगाएं तो निदेशक की अनुमति के बिना नहीं होंगे कार्यमुक्त

2 min read
Mar 15, 2026
Teachers Granted Relief from Census Duty Between Exams and New Academic Session

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में चल रही वार्षिक परीक्षाओं, परिणाम की तैयारियों और 1 अप्रेल से शुरू होने वाले नए शिक्षण सत्र के बीच शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। शिक्षा निदेशालय ने एक आदेश जारी कर परीक्षाओं से जुड़े शिक्षकों को फिलहाल जनगणना कार्य के लिए कार्यमुक्त करने पर सख्त पाबंदी लगा दी है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से सभी संयुक्त निदेशकों और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग का मानना है कि वर्तमान में स्कूलों में कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्य चल रहे हैं, ऐसे में शिक्षकों को जनगणना में लगाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षाओं का पूरा सिस्टम प्रभावित होगा।

इसलिए लिया गया फैसला: सिर पर हैं ये बड़े काम

वर्तमान में स्कूलों में कक्षा 9 व 11 की समान परीक्षाएं, कक्षा 5 से 7 की स्थानीय परीक्षाएं और एफएलएन व सीबीए का आयोजन चल रहा है। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर 25 मार्च से पहले परिणाम जारी करना है। इसके साथ ही 25 मार्च को ही प्रदेश भर के स्कूलों में मेगा पीटीएम का आयोजन होना है। 1 अप्रेल 2026 से नए शैक्षणिक सत्र का आगाज होगा। इसमें प्रवेशोत्सव और मुफ्त पाठ्य पुस्तक वितरण जैसे महत्वपूर्ण काम होने हैं। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के दस्तावेज सत्यापन में भी बड़ी संख्या में स्टाफ लगा हुआ है।

इन नियमों के तहत ही मिलेगी अनुमति

शिक्षा विभाग ने प्रशासन की ओर से शिक्षकों की ड्यूटी लगाने पर कार्यमुक्त करने के लिए कड़े नियम तय कर दिए हैं। यदि कलक्टर या नगर निकाय स्तर पर शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है, तो उन्हें स्कूल से तभी कार्यमुक्त किया जाएगा जब स्कूल शिक्षा के शासन सचिव इसकी मंजूरी देंगे। यदि उपखण्ड अधिकारी या तहसीलदार स्तर से ड्यूटी लगाई जाती है, तो कार्यमुक्त करने के लिए शिक्षा निदेशक की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी।

इन शिक्षकों को बिल्कुल नहीं किया जाएगा कार्यमुक्त

प्रदेश के ऐसे स्कूल जहां केवल एक या दो शिक्षक ही कार्यरत हैं, वहां के स्टाफ को जनगणना कार्य के लिए बिल्कुल कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी एक ही स्कूल के 30 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगा दी जाती है, तो उन्हें भी स्कूल से रिलीव नहीं किया जाएगा। अगर किसी अपरिहार्य स्थिति में किसी शिक्षक को कार्यमुक्त करना ही पड़े, तो पहले उस स्कूल में विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

Published on:
15 Mar 2026 09:27 am
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