- जहाजपुर में अवैध खनन पर सख्ती: विभाग ने कहा- पालिका और वन विभाग दर्ज कराएं एफआईआर - पहाड़ियों में अब नहीं होगा 'खेल'
राजस्थान पत्रिका के 'खाकी और खादी की छत्रछाया में पहाड़ियों का कत्लेआम' अभियान का बड़ा असर देखने को मिला है। जहाजपुर क्षेत्र की अरावली पहाड़ियों में माफियाओं की बेखौफ गतिविधियों को उजागर करने के बाद अब प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। खनिज विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर पालिका जहाजपुर और वन विभाग को पत्र लिखकर अवैध खनन के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
खनिज विभाग की ओर से की गई औचक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विभाग के अनुसार, राजस्व ग्राम पाचा का बाड़ा के खसरा नंबर 2388 (क्षेत्रफल 65 हेक्टेयर) में कई पुराने खनन पिट मिले हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह बेशकीमती भूमि वर्तमान में नगर पालिका जहाजपुर के नाम दर्ज है। शासन के नियमों के अनुसार इस भूमि पर हो रहे अनाधिकृत खनन और अतिक्रमण को रोकने तथा दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की सीधी जिम्मेदारी नगर पालिका की है।
जांच में यह भी पाया गया कि खसरा नंबर 2387, 2389/6 जहाजपुर और धांधोला क्षेत्र के खसरा नंबर 1312 व 1313 वन विभाग के क्षेत्राधिकार में आते हैं। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन क्षेत्रों में अवैध खनन और पत्थरों के निर्गमन को रोकने की प्राथमिक जिम्मेदारी वन विभाग की है। हालांकि विभाग ने दावा किया है कि वर्तमान में चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के कारण इन क्षेत्रों में खनन कार्य पूरी तरह बंद है।
सहायक खनि अभियंता भीलवाड़ा ने इस मामले की प्रतिलिपि जिला कलक्टर भीलवाड़ा, जिला वन संरक्षक और उपखण्ड अधिकारी जहाजपुर को भेजकर सख्त निगरानी सुनिश्चित करने को कहा है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में अवैध खनन, निर्गमन या भंडारण पाए जाने पर संबंधित विभाग को तुरंत थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करानी होगी।