शाहपुरा कस्बे के कोटड़ी मार्ग स्थित खेत पर मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा थी, जिसमें 500 लोगों के लिए भोजन बनवाया गया। प्रशासनिक अधिकारी को भनक लगी तो मौके पर पहुंचे । प्रशासनिक टीम को देखकर भोज करने आए लोग भाग छूटे।
भीलवाड़ा । कोरोना संक्रमण के बावजूद लोग सामूहिक भोज का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। कोरोना गाइडलाइन तोडऩे का एेसा मामला रविवार को शाहपुरा में सामने आया। कस्बे के कोटड़ी मार्ग स्थित खेत पर मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा थी, जिसमें 500 लोगों के लिए भोजन बनवाया गया।
प्रशासन को भनक लगी तो मौके पर पहुंचे व आयोजक पर बीस हजार रुपए का जुर्माना लगाया। वहीं भोजन को जरूरतमंदों में बंटवा दिया। प्रशासनिक टीम को देखकर भोज करने आए लोग भाग छूटे।
शाहपुरा निवासी ईश्वर तेली ने बिन प्रशासनिक अनुमति खेत पर मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम रखा। इसमें ५०० लोगों को बुलाया और इनके लिए भोज भी तैयार कर लिया। लोग सुबह तैयार होकर रिक्शे और अन्य साधनों से खेत की ओर जाते दिखे तो गश्त पर निकली प्रशासनिक टीम को शक हुआ। टीम ने गुप्त रूप से पीछा किया। अधिकारी खेत पर पहुंचे तो दंग रह गए। वहां भीड़ थी और 500 जनों का भोजन तैयार था। टीम ने पुलिस को बुलाया। अधिकारियों और पुलिस को देखकर लोग भाग छूटे। अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन ने ईश्वर तेली पर 20 हजार रुपए जुर्माना लगाया।