नई कपड़ा नीति से भीलवाड़ा के उद्योगों के लगेंगे पंख
राज्य सरकार राजस्थान टेक्सटाइल एंड अपेरल पाॅलिसी-2024 लागू करेगी। हालांकि पॉलिसी में कुछ सुधार की जरूरत है। सुधार के बाद लागू होने पर राज्य के भीलवाड़ा टेक्सटाइल उद्योग के लिए यह वरदान साबित होगी। 9 नवंबर को भीलवाडा़ में होने वाले इंवेस्टर समिट से पहले पॉलिसी लागू होती है तो यहां करोड़ों रुपए के नए निवेश के रास्ते खुलेंगे।
पहली बार ये होगा फायदा
इसमें सुधार की जरूरत
निर्यात भाड़ा अनुदान
सरकार ने पहली बार निर्यात भाड़ा अनुदान की घोषणा की है। इसमें शर्त है कि उत्पादन का 50 प्रतिशत निर्यात करने पर फायदा मिलेगा। एमएसएमई उद्योग में निर्यात कम होता है। लार्ज उद्योग में भी कुछ उद्योगों को ही इसका फायदा होगा। ऐसे में 50 प्रतिशत की शर्त को कम करके 25 प्रतिशत करना चाहिए।
कैपिटल अनुदान 25 प्रतिशत
कैपिटल अनुदान अधिकतम 25 प्रतिशत तक देने की घोषणा की है। इसको चार श्रेणी में बांटकर सिलिंग लगाया। इसके चलते बड़े उद्योगों को लाभ 10 से 16 प्रतिशत तक ही मिलेगा। योजना के तहत एमएसएमई उद्योग 100 करोड़ के निवेश पर 20 करोड़ का अनुदान मिलेगा। लार्ज उद्योग को 300 करोड़ का निवेश पर 75 करोड़ के स्थान पर 50 करोड़ का अनुदान मिलेगा, जो 16 प्रतिशत है। मेगा इंटरप्राइजेज उद्योग में एक हजार करोड़ के निवेश पर 250 करोड़ का अनुदान के बदले 100 करोड़ का अनुदान मिलेगा। अल्ट्रा मेगा इंटरप्राइजेज उद्योग को एक हजार करोड़ से अधिक का निवेश पर 300 करोड़ तक का अनुदान मिलेगा। इस योजना में सिलिंग व्यवस्था लागू करने से बडे़ उद्योगों को लाभ नहीं मिलेगा।
ब्याज अनुदान 5 या ब्याज का 50 प्रतिशत
पॉलिसी ड्राफ्ट में ब्याज अनुदान 5 प्रतिशत या बैंकों के ब्याज का 50 प्रतिशत अनुदान देय है। बैंकों के ऋण में कड़ी प्रतिस्पर्धा है। बैंक 8 से 9 प्रतिशत तक ब्याज लेते है। ऐसे में उद्यमी को 4 से 4.5 प्रतिशत ब्याज अनुदान ही मिलेगा। इस योजना में लगाई सिलिंग को हटाया जाना चाहिए।
कुशल श्रमिक को पांच हजार
स्किल्ड डेवलपमेंट पर प्रति श्रमिक 5 हजार रुपए देने का प्रावधान है। राजस्थान में प्रति वर्ष 10 हजार श्रमिक को प्रशिक्षण देनी की बात कही जबकि सरकार ने पांच साल में 2 लाख लोगों को रोजगार देने की घोषणा की है। इससे केवल 50 हजार श्रमिक को ही रोजगार मिलेगा।
उद्योगों के लिए अच्छा कदम
लद्यु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश हुरकट, मेवाड चैम्बर महासचिव आरके जैन, टेक्टाइल ट्रेड फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम स्वरूप गर्ग ने पॉलिसी को अच्छा कदम बताते हुए कहा कि इससे टेक्सटाइल सेक्टर में नया निवेश बढ़ेगा।