प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों के संस्था प्रधानों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने सत्र 2025-26 के शिविरा पंचांग में आंशिक संशोधन करते हुए ‘सत्रान्त संस्था प्रधान वाकपीठ’ की तिथियों में बदलाव कर दिया है। अब यह शैक्षणिक संगोष्ठी फरवरी के बजाय मार्च के अंतिम सप्ताह में आयोजित की जाएगी। शिक्षा निदेशक […]
प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों के संस्था प्रधानों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने सत्र 2025-26 के शिविरा पंचांग में आंशिक संशोधन करते हुए 'सत्रान्त संस्था प्रधान वाकपीठ' की तिथियों में बदलाव कर दिया है। अब यह शैक्षणिक संगोष्ठी फरवरी के बजाय मार्च के अंतिम सप्ताह में आयोजित की जाएगी। शिक्षा निदेशक सीताराम जाट के आदेश के अनुसार पूर्व में यह कार्यक्रम 12 और 13 फरवरी को प्रस्तावित था। शासन से मिली नई स्वीकृति के बाद अब इसे संशोधित कर 27 और 28 मार्च को नियत किया गया है।
हालांकि आदेश में तिथियों में बदलाव का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि परीक्षाओं और प्रशासनिक व्यस्तताओं के चलते यह निर्णय लिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाकपीठ के अलावा शिविरा पंचांग की अन्य सभी गतिविधियां पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही संचालित होंगी।
अनुपालन के निर्देश: निदेशालय ने समस्त संयुक्त निदेशकों, जिला शिक्षा अधिकारियों और सीबीईओ को इन आदेशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षाओं पर असर: मार्च के अंत में वाकपीठ होने से स्कूलों में वार्षिक परीक्षाओं और सत्र समाप्ति के कार्यों के बीच समन्वय बनाना संस्था प्रधानों के लिए एक चुनौती होगी। निदेशक का आदेश: शासन के आदेश के अनुसार शिविरा पंचांग सत्र 2025-26 में यह आंशिक संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।