
अमरगढ़/ भीलवाड़ा। क्षेत्र की ग्राम पंचायत भगुनगर के अटल सेवा केंद्र को रविवार देर रात चोरों ने निशाना बनाते हुए दो लाख से अधिक का माल उड़ाया। सूचना पर अमरगढ़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। जानकारी के अनुसार भगुनगर पंचायत के कार्यालय का ताला तोड़कर वहां रखी 15 बोरिंग की मोटर, दस मोटर के पंखे, एक छत का पंखा, व अटल सेवा केंद्र में ही स्थित ई—मित्र से एक कंप्यूटर, जिसमें काश्तकारों का मुआवजे का रिकॉर्ड एवं दो प्रिंटर व इनवर्टर की दो बड़ी बैटरियां, कई छोटे मोटे उपकरण सहित दो लाख से अधिक का माल पार कर ले गए। ग्रामीणों का कहना है कि अमरगढ़ चौकी में स्टाफ की कमी के कारण भगुनगर कस्बे में पुलिस गश्त व्यवस्था ढीली है। जिसके कारण कई बार क्षेत्र में हुई चोरियों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया। गत साल भी चोरों ने अटल सेवा केंद्र को निशाना बनाया तथा वहां रखी कुर्सियां व बोरिंग की मोटरें चोरी हुई। जिसका अभी तक कोई खुलासा नहीं हुआ।
दस हजार की घूस लेते पटवारी समेत दो जने एसीबी के हत्थे चढ़े
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की विशेष शाखा ने माण्डलगढ़ उपखंड के धामणिया ग्राम पंचायत के पटवारी समेत दो जनें को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते रविवार को पटवारी के आवास पर गिरफ्तार किया। यही राशि भूमि रूपांतरण में सुधार के लिए मांगी गई थी।
ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश गुप्ता को सरथला निवासी भैरूलाल दरोगा ने शिकायत की। शिकायतकर्ता ने बताया कि सरथला में उसकी जमीन है। जमीन को पंचायत ने किसी ओर के नाम कर दी। इस पर परिवादी भैरूलाल अदालत से स्थगन लेकर आ गया। स्थगन के बावजूद जमीन दूसरे के नाम कर दी। परिवादी धामणिया पंचायत के पटवारी मोहनलाल बुनकर से मिला। बुनकर के पास सरथला का अतिरिक्त चार्ज था। पटवारी ने रूपांतरण में सुधार कर परिवादी के नाम जमीन करने के लिए १० हजार की रिश्वत मांगी। एसीबी ने सत्यापन कराया।
घर में बुलाकर ली रिश्वत, टिफिन देने आए व्यक्ति भी लपेटे में
सत्यापन में शिकायत सहीं पाए जाने पर एसीबी ने जाल बिछाया। परिवादी की रविवार को पटवारी से बात कराई। पटवारी ने धामणिया स्थित घर बुलाया। निरीक्षक शिवप्रकाश टेलर के नेतृत्व में टीम परिवादी को साथ में लेकर धामणिया पहुंची। परिवादी भैरूलाल को रंग लगे दस हजार रुपए देकर पटवारी के घर भेजा गया। कमरे में पटवारी बैठा हुआ था। इस दौरान पटवारी को खाने का टिफिन देने महावीर पारीक आया था। पटवारी ने रिश्वत की राशि हाथ में नहीं ली बल्कि टिफिन लेकर आए महावीर को देने को कहा। परिवादी ने यह राशि महावीर को दे दी। इशारा मिलते ही एसीबी ने पटवारी मोहनलाल व टिफिन देने आए महावीर को गिरफ्तार कर लिया।