खान निदेशक ने लगाए अन्य जिलों के अधिकारियों की टीम, चार दल गठित
भीलवाड़ा जिले में बजरी की एक भी लीज नहीं है। इसके बावजूद शहर में बजरी से भरे ट्रैक्टर बिना किसी रोक-टोक के आ रहे हैं। जबकि प्रदेश समेत जिलेभर में अवैध खनन को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर विशेष अभियान चला रखा है। इसके लिए जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू की ओर से गठित टीमें भी जिले में लगी है। लेकिन सख्त कार्रवाई नहीं होने तथा लगातार अवैध बजरी का दोहन व परिवहन की शिकायत खान निदेशक दीपक तंवर को मिलने पर उन्होेंने भीलवाड़ा जिले में सख्त कार्रवाई करने के लिए विभिन्न जिलों से अधिकारियों को भीलवा़ड़ा में लगाया है। तंवर ने अपने आदेश में कहा है कि बनास नदी में जिन क्षेत्रों में बजरी के खनन पट्टों की लीज अवधि समाप्त हो गई है। लेकिन उनमें बजरी का अवैध खनन, परिवहन, भण्डारण की निरन्तर शिकायतें विभिन्न स्रोतों से प्राप्त हो रही है। अवैध खनन, परिवहन के प्रति जीरो टोलरेंस को ध्यान में रखते हुए सख्त कार्रवाई को कहा है।
बनास नदी क्षेत्र में अवैध बजरी का दोहन रोकने के लिए अधिकारियों को 24 घंटे सातों दिन कार्रवाई करने को कहा है। इन सभी दलों को अलग से वाहन तक उपलब्ध कराए गए हैं। तंवर ने निर्देश दिए है कि कोई भी अधिकारी लापरवाही करता है उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यहां लगाए चैक पोस्ट पर अधिकारी
कलक्टर ने बनाई कमेटी
जिला कलक्टर संधू ने 15 ही उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, नायाब तहसीलदार, पुलिस अधिकारी, वन अधिकारी, परिवहन तथा खनिज विभाग के अधिकारी को शामिल किया है। यह टीम 13 अप्रेल तक अवैध खनन व परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करेगी। अब तक 29 केस बने हैं। इसमें 18 में एफआइआर दर्ज कराई गई और 29.32 लाख की वसूली की गई।