
भीलवाड़ा. ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे में जमकर सौदेबाजी ने भीलवाड़ा पुलिस को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया। पुलिस मुख्यालय स्तर से कराई जांच में सामने आया है कि ऑनलाइन सट्टा पकड़े जाने के बाद उसके मास्टरमाइंड को धमका कर भीमगंज थाने के पुलिसकर्मियों ने आइडी लेने वालों की सूची बनाई। फिर आइडी लेने वालों को गिरफ्तारी का डर दिखाकर फरार करवाया और यहीं से सौदेबाजी की नींव रखी गई। विजिलेंस जांच में इसमें थानाप्रभारी भूपेश शर्मा के साथ अन्य पुलिसकर्मियों की मिलीभगत भी सामने आई है। हालांकि जांच सार्वजनिक नहीं की गई। थानाप्रभारी को निलंबित करने के बाद अब भ्रष्टाचार में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी है।
आधी रात को घर भेजी गाड़ी तो डर गया परिवार
थानाप्रभारी भूपेश शर्मा ने अपने चेहते पुलिसकर्मियों को थाने की गाडी लेकर आइडी लेने वालों के घर भेजा। कई घरों पर आधी रात दबिश दी। आइडी लेने वालों में कई नामचीन परिवार के युवक शामिल थे। पुलिस के घर पहुंचने से परिवार दहशत में आ गए। फरार व्यक्ति को मामले में गिरफ्तारी का डर बैठाया गया।
दलालों ने कराई मध्यस्थता, परिजन भी आए
पुलिस के घर तक पहुंचने से फरार व्यक्ति ने मध्यस्थता के लिए पुलिस के दलालों से संपर्क साधा। यहां थाने पर कुछ पुलिसकर्मियों को ही सौदेबाजी का जिम्मा दिया गया। उनसे ही बातचीत करने को कहा गया। फरार लोगों के परिजन भी पुलिसकर्मियों से बातचीत को आगे आए।
लाखों में बात, पैसा देते ही लौटे
पुलिस ने फरार व्यक्ति को नहीं पकडऩे के लिए बोली लगाई। बोली लाखों से शुरू हुई। कई लोग पुलिस की बोली सुनकर दंग रह गए। सौदेबाजी के बाद राशि देने पर फरार व्यक्ति लौट आया और नियमित दिनचर्या के साथ कामकाज में जुट गया। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे में पकड़े सरगनाओं को एक पखवाड़े तक रिमांड पर रखा क्योंकि जब तक यह पुलिस के पास थे, तभी तक फरार व्यक्तियों से सौदेबाजी हो सकती थी। यह एक पखवाड़े चली। रिमांड समाप्त होने तक लगभग सबसे वसूली हो गई थी।
जांच में घालमेल, सीओ सर्कल ही बदल दिया
ऑनलाइन सट्टे का मामला भीमगंज थाने में दर्ज हुआ। जिस थाने में मामला दर्ज हुआ, वह पुलिस उपाधीक्षक (शहर) के सर्कल में आता है। अमूमन भीमगंज की जांच कोतवाली को दी जाती है लेकिन यहां जांच पुलिस उपाधीक्षक सर्कल बदल कर सुभाषनगर थानाप्रभारी अजयकांत को दी गई। यह सदर सीओ सर्कल में आता है।