
शाहपुरा (भीलवाड़ा)। नियति के क्रूर खेल को कोई नहीं समझ सकता। शाहपुरा के उदयभान गेट निवासी 42 वर्षीय राजू तेली के लिए शुक्रवार का दिन काल बनकर आया। जिस मशीन के जरिए वे अपने परिवार के सुनहरे भविष्य के सपने बुन रहे थे, वही मशीन उनकी मौत का कारण बन गई। डाबला कचरा मार्ग पर सरसों की थ्रेसिंग के दौरान हुए एक खौफनाक हादसे ने तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया भी हमेशा के लिए उठा दिया।
घटना के समय राजू तेली अपने भाई धनराज तेली का ट्रैक्टर चला रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब राजू सरसों को थ्रेसर (क्रेशर) में डाल रहे थे, तभी अचानक उनका हाथ मशीन की चपेट में आ गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या ट्रैक्टर बंद किया जाता, मशीन ने उन्हें भीतर खींच लिया। मौके पर मची चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण एकत्र हुए, लेकिन तब तक राजू की सांसें थम चुकी थीं।
हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे थाना पुलिस के एएसआई जगदीश प्रसाद, जोगिंदर सिंह और किशन गोपाल खींची ने ग्रामीणों की मदद शव को मशीन से बाहर निकाला। शाहपुरा जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
राजू अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनके पीछे बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं। जब राजू का शव चादर में लिपटा घर पहुंचा, तो पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया। बच्चों की सिसकियों और बूढ़े माता-पिता का विलाप देख हर आंख नम हो गई। अब परिवार के सामने जीवन यापन का गहरा संकट खड़ा हो गया है।
यह हादसा खेती के दौरान सुरक्षा उपकरणों और सावधानी की कमी की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि थ्रेसर चलाते समय ढीले कपड़े ना पहनें और मशीन के बेहद करीब जाने से बचें। पुलिस ने मृतक के भतीजे हंसराज की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया।