Hamirgarh Eco Park हमीरगढ़ वन क्षेत्र के कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र में हमीरगढ़ इको पार्क को वन विभाग अब बैंकाक के पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करेगा। इसके लिए विभाग ने यहां पेड़ों पर लकड़ी के आवास (ट्री हट) बनाने के साथ ही यहां लम्बे एवं आकर्षक झूले (बॉली स्विंग) लगाने का काम शुरू किया है।
हमीरगढ़ इको पार्क में लुभाएंगे ट्री हट
हमीरगढ़ वन क्षेत्र के कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र में हमीरगढ़ इको पार्क को वन विभाग अब बैंकाक के पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करेगा। इसके लिए विभाग ने यहां पेड़ों पर लकड़ी के आवास (ट्री हट) बनाने के साथ ही यहां लम्बे एवं आकर्षक झूले (बॉली स्विंग) लगाने का काम शुरू किया है। इसी प्रकार यहां लवकुश वाटिका (चिल्ड्रन पार्क ) विकसित की जा रही है, जबकि पर्यटकों के लिए ट्रैक भी बनाया जा रहा है।
इको पार्क पर्यटकों का आकर्षण का केन्द्र
हमीरगढ़ वन क्षेत्र काे कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र बनाने के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2023 के बजट घोषणा के तहत सात माह पूर्व अधिसूचना जारी की थी। विभाग ने वनखंड में शामिल हमीरगढ़ इको पार्क को पर्यटन नक्शे पर उभारने एवं यहां की वन्य व जैविक सम्पदा के संरक्षण की कार्ययोजना को और प्रभावी बनाया। इसके तहत इको पार्क को पर्यटकों का आकर्षण केन्द्र बनाने के लिए यहां विभिन्न विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।
सनसेट प्वाइंट
भीलवाड़ा से करीब 20 किमी दूर हमीरगढ़ वनखंड है। हमीरगढ़ कन्जरवेशन रिजर्व क्षेत्र में हरी भरी वादियों के मध्य इको पार्क खूबसूरत होने के साथ ही वन्यजीवों से घिरा है। यहां का सनसेट प्वाइंट लाजवाब है। वॉच टावर से भीलवाड़ा शहर तक का जायजा लिया जा सकता है। यहां टूरिस्ट हट, सफारी व गेस्ट हाउस की सुविधा है।
हिरण व चिंकारा की अठखेलियां
हमीरगढ़ इको पार्क में जंगली सुअर, हिरण, सेही, जरख, सियार, लोमड़ी, खरगोश, तीतर, चिंकारा, मोर समेत विभिन्न प्रजाति के वन्य पक्षी व पशु है। इन्ही वन्य जीवों को देखने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक आते हैं।
पहाड़ की गोद में मंदिर व झरने
ईको पार्क घना वन क्षेत्र होने से यहां बड़े वृक्ष है। विभिन्न प्रजातियों के पेड़ भी यहां है। कुण्डों से निकलने वाला पानी बारिश में कलकल करता है। यहां कलात्मक रैलिंग लुभावनी है। यहां मंशा महादेव मंदिर व चामुंडा मंदिर खास है। यहां ऊंचाई पर सन सेट प्वांइट से शहर व सूर्यास्त का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। यहां वॉच टावर भी खास है।
चुकाना होगा किराया
यहां भारतीय नागरिक का प्रवेश शुल्क के साथ ही इको डेव के लिए 55 रुपए तय है। विदेशी नागरिक पर ये शुल्क 330 रुपए है। विद्यार्थियों को रियायत देते हुए उनके लिए ये राशि 25 रुपए तय है। इसी प्रकार यहां पार्क में प्रवेश पर दुपहिया व चौपहिया वाहनों की पार्किग शुल्क अलग है।
दुनिया के पर्यटन नक्शे पर उभरेगा
भीलवाड़ा के उपवन संरक्षक गौरव गर्ग का कहना है कि दुनिया के पर्यटन नक्शे पर इको पार्क को उभारने के प्रयास किए जा रहे है। यहां बैंकाक के टूरिस्ट पैलेस की भांति पेड़ों पर लकड़ी के अस्थायी मकान, लम्बे झूले बनाए जा रहे है। यहां लवकुश वाटिका में दो प्रतिमा भी होगी। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अन्य सुविधाएं जुटाने के प्रयास किए जा रहे है।