
सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी टेस्ट': एआई ऐप परखेगा कक्षा 3 से 8 के बच्चों की रीडिंग स्किल
प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चों की अंग्रेजी सुधारने और उन्हें फर्राटेदार पढ़ना सिखाने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सोमवार से राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी विषय का ओरल रीडिंग फ्लूएंसी कार्यक्रम शुरू हो गया है। खास बात यह है कि बच्चों की अंग्रेजी पढ़ने की क्षमता का यह आकलन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से किया जाएगा।माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इस संबंध में प्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों को सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यह महाभियान 7 मई तक चलेगा।
विभाग के अनुसार, 29 मार्च को शुरू किए गए मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के उद्देश्यों को साकार करने के लिए यह पहल की गई है। विद्यार्थियों के पठन प्रवाह के प्रभावी विकास के लिए वाधवानी एआई के सहयोग से यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। हाल ही में अंग्रेजी विषय के लिए चलाए गए पायलट प्रोजेक्ट के आशातीत परिणाम सामने आए थे। इसके बाद अब इसे वर्तमान सत्र से प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है।
शिक्षकों को बच्चों का यह आकलन शाला दर्पण शिक्षक ऐप के ओआरएफ मॉड्यूल के माध्यम से करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी शिक्षकों को इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाए ताकि निर्धारित समयावधि में असेसमेंट पूरा हो सके।
शिक्षा निदेशालय ने अधिकारियों और संस्था प्रधानों को कड़ी चेतावनी दी है। आकलन प्रक्रिया के लिए 1 मई तक सब्जेक्ट टीचर मैपिंग करना अनिवार्य था। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सब्जेक्ट टीचर मैपिंग के अभाव में ओआरएफ मॉड्यूल काम नहीं करेगा। यदि किसी विद्यालय में इस वजह से आकलन बाधित होता है, तो इसकी शत-प्रतिशत जिम्मेदारी संबंधित पीईईओ और यूसीईईओ की तय की जाएगी और उन पर कार्रवाई होगी।
Updated on:
5 May 2026, 10:11 AM IST
Published on:
5 May 2026, 9:45 AM IST
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