
ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026: कृषि क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी
ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 के तहत भीलवाड़ा जिले के हॉर्टिकल्चर (उद्यानिकी) सेक्टर की तस्वीर जल्द ही बदलने वाली है। जिले में कृषि और उद्यानिकी आधारित निवेश को पंख लगाने के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर 'राज-निवेश' पोर्टल के जरिए एमओयू अभियान को तेज कर दिया गया है। इसके तहत संभावित निवेशकों और उद्यमियों की पहचान कर उन्हें राजस्थान सरकार के साथ निवेश के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि विकास की नई संभावनाएं सृजित की जा सकें।
उप निदेशक (उद्यान) डॉ. शंकर सिंह राठौड़ ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में निवेश को एक मजबूत संस्थागत आधार देना है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों के निवेशकों से सीधा संपर्क साधा जा रहा है। उद्यमियों को राज-निवेश पोर्टल पर अपना पंजीकरण कर निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यहां से तैयार की गई एमओयू की अंतिम सूची जल्द ही विभाग को भेजी जाएगी, जिससे संभावित परियोजनाओं को धरातल पर मूर्त रूप दिया जा सके।
इन प्रमुख क्षेत्रों में मांगे जा रहे निवेश प्रस्ताव
उद्यानिकी विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में बड़े स्तर पर पूंजी निवेश आने से जिले की कृषि गतिविधियों को आधुनिक तकनीक और एक बेहतर आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का लाभ मिलेगा। इससे न केवल पैदावार और गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि किसानों की आय में भी सीधा इजाफा होगा।
डॉ. राठौड़ ने स्पष्ट किया कि एमओयू के लिए निवेशकों के चयन में पूरी गंभीरता बरती जा रही है। निवेशक की विश्वसनीयता और उसकी वित्तीय क्षमता को चयन का प्रमुख आधार बनाया गया है। हॉर्टिकल्चर क्षेत्र में पहले से अनुभव रखने वाले उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी। केवल कागजी एमओयू से बचने के लिए प्रत्येक निवेश प्रस्ताव की व्यावहारिकता और उसकी दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए उचित सत्यापन के बाद ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
Updated on:
5 May 2026, 9:35 AM IST
Published on:
5 May 2026, 9:35 AM IST
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