भीलवाड़ा

तस्करों की नजरों में चढ़ा डोडा चूरा

काले सोने की फसल कट चुकी है। काश्तकार केन्द्रीय नारकोक्टिस ब्यूरो को उपज तुलवाकर मेहनत की अधिकांश कमाई वसूल कर चुके हैं।
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Up the eyes of smugglers Doda sawdust in bhilwara
Up the eyes of smugglers Doda sawdust in bhilwara

भीलवाड़ा।

काले सोने की फसल कट चुकी है। काश्तकार केन्द्रीय नारकोक्टिस ब्यूरो को उपज तुलवाकर मेहनत की अधिकांश कमाई वसूल कर चुके हैं। ब्यूरो तोल केन्द्र से अफीम ट्रकों से नीमच रवाना कर चुका है। इसके बावजूद सरकार की ढिलाई के हाल ये हैं कि काश्तकारों के घरों में पडे़ डोडे चूरे को नष्ट करने के लिए टीमें गठित नहीं की हैं। इसी का नतीजा है कि डोडा चूरा तस्करों के हाथ में पहुंच रहा है। भीलवाड़ा, चित्तौडग़ढ़ व प्रतापगढ़ जिले में पुलिस एक माह के दौरान एक दर्जन से अधिक कार्रवाई में भ्‍ाारी मात्रा में डोडा चूरा बरामद कर
चुकी है।

खेत में डोडे से निकलने वाले अफीम के दूध पर खुले में बिक्री पर पूर्णत: रोक है। इसकी पूरी खरीद केन्द्रीय नारकोटिक्स विभागवित्त मंत्रालय के तय मापदंड के अनुरूप करता है। इस बार ब्यूरो
भीलवाड़ा अफीम जोन के लिए सिंगोली में 5 अप्रेल से 23 मई तक तोल केन्द्र बनाकर बिजौलियां, मांडलगढ़, जहाजपुर व कोटड़ी तहसील तथा रावतभाटा व बेगूं तहसीलों के 236 गांवों के 520 किसान की 38 हजार 723. 480 किलो अफीम की ख्‍ारीद कर चुका है। इसके एवज में 5 करोड़ 89 लाख 42 हजार 9 सौ रुपए का भ्‍ाुुगतान किसानों को किया।
आदेश होते कागजी
राज्य सरकार ने 1 अप्रेल 2016 से डोडे की सरकारी खरीद व बिक्री पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दी। डोडे का उपयोग किसी भ्‍ाी प्रकार से नहीं हो, इसके लिए प्रशासन की निगरानी में नष्ट करने की व्यवस्था की। इसके बावजूद प्रदेश में डोडे की तस्करी का खेेल ख्‍ाुुले में हो रहा है।

नहीं करवाते नष्ट
राज्य सरकार को तौल के तुरन्त बाद डोडे को नष्ट करवाना चाहिए, ताकि इनकी चौकसी से किसानों को निजात मिले, वहीं तस्करी को रोका जा सके। सरकार ने अब तक डोडा नष्ट करवाने
का निर्णय नहीं किया और न ही कमेटी गठित की।

दक्षिण तक जाता है डोडा
राजस्थान के साथ ही पंजाब, हरियाण, यूपी, दिल्ली, पश्चिमी बंगाल तथा दक्षिण भ्‍रररत में कई लोग डोडे का नशा करते हैं। आयोजनों में भी मनुहार स्वरूप डोडे का पानी परोसा जाता है। वर्ष 2015 तक आबकारी विभाग 125 रुपए प्रति किलो तक में डोडे की खरीद कर 500 रुपए प्रति किलो की दर पर सरकारी केन्द्रों पर
बेचता था।
केस-1
बदनोर क्षेत्र में पुलिस ने 24 अप्रेल को पिकअप से 357 किलोग्राम डोडा चूरा पकड़ा। यह डोडा पशु आहार की बोरियों की आड़ में रखा था। आरोपी भाग छूटे।
केस-2
जहाजपुर क्षेत्र में पुलिस ने 11 अप्रेल को एक जीप से 69 किलो डोडा पकड़ा। जीप में सवार लोग हत्थे नहीं चढ़ सके।
केस—3
मंगरोप क्षेत्र में पुलिस ने 15 अप्रेल को कार में 25 किलो डोडा पकड़ा। दो जने धरे गए, अन्य की तलाश जारी है।
केस-4
मांडल क्षेत्र में पुलिस ने 2 अप्रेल को बाइक सवार दंपती के कब्जे
से 66 किलो डोडा पकड़ा। अन्य आरोपितों की तलाश। डोडे की खरीद-बिक्री पर रोक डोडे की खरीद आबकारी विभाग की देखरेख में होती थी। बिक्री व खरीद पर रोक के बाद राज्य सरकार इन्हें नष्ट करवाती है। डोडे पाए जाने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। इस वर्ष भी सरकार प्रक्रिया पूर्ण कर डोडे नष्ट करवाएगी।
जेपी रंगा, जिला आबकारी अधिकारी, भीलवाड़ा

90 फीसदी हो चुका भुगतान
भीलवाड़ा अफीम जोन में इस बार अफीम की उपज अच्छी रही। ब्यूरो अफीम की उपज की खरीद कर 90 फीसदी भुगतान किसानों को कर चुका है। डोडा राज्य सरकार नष्ट करवाती है। इसके लिए गठित कमेटी में ब्यूरो का प्रतिनिधि होता है।
एसके सिंह, जिला अफीम अधिकारी, ाीलवाड़ा
नष्ट करने पर लगे रोक
डोडा चूरा राजस्थान में ही नष्ट किया जा रहा है, जो किसानों के हित में नहीं है। पहले सरकार डोडा खरीदती थी। इससे किसानों को कमाई होती थी। डोडे को जलाकर नष्ट करने से प्रदूषण भी होता है। चुनाव के बाद केन्द्र व राज्य सरकार से डोडो के ठेके बहाल करने की मांग की जाएगी।
बद्रीलाल तेली, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ, भीलवाड़ा

Published on:
18 May 2019 04:12 pm