राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन निर्धारण में हो रही गड़बड़ियों और नियमों के विरुद्ध अधिक भुगतान के मामलों पर बेहद सख्त रुख अपनाया
राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन निर्धारण में हो रही गड़बड़ियों और नियमों के विरुद्ध अधिक भुगतान के मामलों पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। वित्त विभाग ने मंगलवार को परिपत्र जारी करते हुए सभी विभागों को सेवारत राज्य कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की फिर से गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि भविष्य में किसी भी कर्मचारी को अधिक भुगतान होने का मामला सामने आता है, तो उसकी वसूली सीधे तौर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारी या कर्मचारी से की जाएगी।
सभी विभागों को अपने कार्मिकों को समय-समय पर दिए गए पुनरीक्षित वेतनमानों, पदोन्नति, चयनित वेतनमान, एसीपी, एमएसीपी आदि के वेतन निर्धारण की उनके सेवा सर्विस रिकॉर्ड से गहनता से जांच करनी होगी। इस जांच को विभाग के वरिष्ठतम लेखाधिकारी से सत्यापित करवाना अनिवार्य किया गया है। सबसे अहम बात यह है कि जुलाई 2026 के वेतन बिलों में विभागों को इस बात का स्पष्ट प्रमाण पत्र देना होगा कि कार्मिकों के वेतन निर्धारण की पूर्ण जांच कर ली गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब राज्य एवं रफीक मसीह मामले में दिए गए फैसले में कर्मचारियों को गलती से हुए अधिक भुगतान की वसूली न करने के बाद राज्य सरकार ने 2017 में ही सभी विभागों को वेतन निर्धारण की समग्र जांच के निर्देश दिए थे। उस समय यह तय किया गया था कि किसी भी वेतन वृद्धि से पहले लेखा सेवा अधिकारी से पूर्व जांच करवाई जाए। बावजूद इसके विभाग वेतन निर्धारण के प्रकरणों की गहनता से जांच नहीं कर रहे थे। वित्त विभाग के संज्ञान में आया कि अनियमित और अधिक भुगतान की गई राशि को माफ करवाने के लिए आज भी अनेकों प्रकरण वित्त विभाग को भेजे जा रहे हैं। इसी लापरवाही को रोकने के लिए सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है।
भीलवाड़ा. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के सफल आयोजन के लिए आमजन को योग से जोड़ने एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 50 दिवसीय काउंट डाउन योगाभ्यास कार्यक्रम का शुभारंभकिया गया। उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग डॉ. महाराज सिंह के अनुसार ज़लिास्तर पर डॉ. निकिता चौधरी के निर्देशन में मुखर्जी उद्यान मैं प्रातः 7 से 8 बजे नियमित योगाभ्यास कराया जा रहा है साथ ही 20 जून तक शहर के विभिन्न स्थानों पर योगाभ्यास का आयोजन किया जाएगा। पूरे जिले में सभी आयुष्मान आरोग्य केंद्र पर पदस्थ योग प्रशिक्षक एवं चिकित्साअधिकारी प्रभारी 50 दिन तक योगाभ्यास कार्यक्रम का संचालन करेंगे।