माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जारी किए निर्देश, संस्था प्रधानों को 31 जुलाई तक पोर्टल पर सबमिट करने होंगे प्रस्ताव
प्रदेश के सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विभिन्न प्रकार की पूर्व एवं उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब विद्यार्थियों को खुद आवेदन नहीं करना होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने निर्देश जारी किए हैं। नई प्रणाली के तहत अब विद्यालय की ओर से ही शाला दर्पण बेनिफिशयरी स्कीम पोर्टल के माध्यम से छात्रवृत्ति प्रस्ताव ऑनलाइन किए जाएंगे। संस्था प्रधानों को इन प्रस्तावों को तैयार कर प्रमाणित करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तय की गई है।
विद्यार्थी के प्रवेश के समय ही शाला दर्पण के प्रपत्र-9 और लाभकारी योजनाओं के लिए अनिवार्य छात्र सूचना एवं रिजल्ट मॉड्यूल को अपडेट करते हुए प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। छात्रवृत्ति के लाभ के लिए विद्यार्थी या अभिभावकों को सीधे अपने संस्था प्रधान से संपर्क करना होगा। निजी विद्यालयों के निर्धारित योजनाओं में छात्रवृत्ति प्रस्ताव प्राइवेट स्कूल पोर्टल के माध्यम से तैयार किए जाएंगे। केंद्र प्रवर्तित उत्तर मैट्रिक एससी- एसटी योजनाओं कक्षा 11 व 12 के लिए एनएसपीऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ओटीआर जनरेट होना आवश्यक है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जारी किए निर्देश, संस्था प्रधानों को 31 जुलाई तक पोर्टल पर सबमिट करने होंगे प्रस्ताव
शिक्षा विभाग के अनुसार कुल 19 प्रकार की छात्रवृत्ति योजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए जाने हैं। कक्षा 6 से 8 में अध्ययनरत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों के लिए पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति। कक्षा 6 से 10 के लिए अति पिछड़ा वर्ग पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति। कक्षा 9 व 10 के लिए केंद्र प्रवर्तित पीएम यशस्वी ओबीसी, एससी और एसटी पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति। कक्षा 11 व 12 के लिए केंद्र प्रवर्तित उत्तर मैट्रिक एससी, एसटी, ओबीसी/डीएनटी, आर्थिक पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति। सफाई से जुड़े व स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण व्यवसाय में लगे व्यक्तियों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति कक्षा 1 से 10। पोस्ट-कारगिल युद्ध में शहीद या स्थाई विकलांग सैनिकों के बच्चों तथा भूतपूर्व सैनिकों की प्रतिभावान पुत्रियों को देय छात्रवृत्ति। कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण जनजाति प्रतिभावान छात्रों और 11वीं-12वीं की जनजाति छात्राओं को प्रोत्साहन योजना।