भीलवाड़ा के 380 तालाब सौंपे विभाग को
पंचायती राज विभाग के अधीन आने वाले प्रदेश के 3236 छोटे-बड़े तालाब व बांध एक बार फिर जल संसाधन विभाग संभालेगा। पंचायती राज विभाग को वर्ष 2003 में यह बांध सौंपे गए थे। 22 सालों में देखरेख मरमत का अभाव और इन तालाबों व बांधों पर बढ़ते अतिक्रमण की वजह से इन बांधों में पानी का संचय कम होने लगा था। इसके चलते यह निर्णय किया गया। सभी बांध जल संसाधन विभाग को सौंपने का काम चल रहा है। भीलवाड़ा जिला परिषद ने भी अपने पास के 380 तालाब व बांध को सौंप दिए। पूरे दस्तावेज सौंपने के बाद जल संसाधन विभाग इनका रखरखाव, प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन करेगा। भीलवाड़ा में पंचायती राज विभाग के अधीन आने वाले तालाबों की संख्या 380 है। इनमें 214 छोटे व 166 बड़े तालाब व बांध शामिल हैं। इन सभी तालाबों की मरम्मत जल संसाधन विभाग को मानसून से पहले करानी होगी।
जल संसाधन विभाग के पास अब तक जिले में 300 हेक्टेयर से अधिक क्षमता वाले 28 बांध थे। अब इनकी संख्या में इजाफा हो जाएगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जेईएन और एईएन पंचायती राज के बांधों का जायजा ले रहे हैं। जिन-जिन बांधों में मरम्मत की आवश्यकता है, उनका प्लान तैयार किया जा रहा है।
प्रदेश में यह है स्थिति
प्रदेश में 0 से 80 हैक्टेयर के तालाब व बांध 2191 हैं। इनकी सीसीए हैक्टेयर क्षमता 77 हजार 221 है। इसमें भीलवाड़ा के 214 तालाब शामिल हैं। इसी प्रकार 80 से 300 हैक्टेयर तक के 1045 तालाब व बांध हैं। इनकी क्षमता कुल सीसीए हैक्टेयर 1 लाख 63 हजार 308 है। इसमें भीलवाड़ा जिले के 166 बांध शामिल हैं। कुल 3236 छोटे बांध व तालाब में सीसीए हैक्टेयर 2 लाख 40 हजार 529 हैं। जिला परिषद भीलवाड़ा के अधिकारी एनसी अजमेरा ने बताया कि जिला परिषद के अधीन सभी 380 तालाब व बांध जल संसाधन विभाग को सौंप दिए हैं। इन सभी तालाब व बांध में कितना पानी है उसकी रिपोर्ट भी तैयार कर विभाग को सौंपी गई है।