भीलवाड़ा

रबी की फसलों पर मौसम की मार, 34 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खराबा

भीलवाड़ा जिले में मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कृषि विभाग के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 34 हजार 811 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक चिंता गेहूं और सरसों की पैदावार को लेकर जताई जा रही है। आंकड़ों की जुबानी: कहां […]

2 min read
Feb 20, 2026
Weather hits Rabi crops, damages over 34,000 hectares
  • कृषि विभाग का प्रारंभिक आकलन जारी; गेहूं, सरसों और चने को सबसे ज्यादा नुकसान
  • 33 प्रतिशत से अधिक का खराबा मात्र 20 हेक्टेयर सरसों में

भीलवाड़ा जिले में मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कृषि विभाग के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 34 हजार 811 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक चिंता गेहूं और सरसों की पैदावार को लेकर जताई जा रही है।

आंकड़ों की जुबानी: कहां कितना नुकसान

कृषि विभाग के अनुसार बुधवार को तेज बारिश व ओलावृष्टि के कारण 33 प्रतिशत से कम का नुकसान हुआ है। इसके चलते किसानों को फसल बीमा का फायदा नहीं मिलेगा। जिले में कुल 3 लाख 61 हजार 202 हेक्टेयर में बुवाई की गई थी। इसमें से 34 हजार 811 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र 'खराबे' की चपेट में है। राहत की बात यह है कि अधिकांश खराबा 33 प्रतिशत से कम की श्रेणी में है, लेकिन सरसों में नुकसान का स्तर कुछ जगहों पर 33 से 50 प्रतिशत तक भी पहुंचा है। हालांकि इसका आंकड़ा भी 20 हेक्टेयर से ज्यादा नहीं है। सब्जियों की बुवाई 2,582 हेक्टेयर में की गई है, लेकिन इसमें फिलहाल कोई बड़ा खराबा दर्ज नहीं हुआ है।

प्रमुख फसलों की स्थिति हेक्टेयर में

  • गेहूं: 1 लाख 55 हजार 596 हेक्टेयर में बुवाई। इसमें से 16 हजार 238 हेक्टेयर प्रभावित।
  • सरसों: 61 हजार 367 हेक्टेयर में से 8 हजार 279 हेक्टेयर में नुकसान।
  • चना: 84 हजार 49 हेक्टेयर में से 5 हजार 760 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित।
  • जौ: 40 हजार 616 हेक्टेयर में से 3,958 हेक्टेयर में खराबा।

सरसों पर दोहरी मार

सरसों की फसल को लेकर स्थिति ज्यादा संवेदनशील है। जिले में केवल सरसों ही ऐसी फसल है जहां 20 हेक्टेयर का क्षेत्र 33 से 50 प्रतिशत तक के नुकसान की श्रेणी में दर्ज किया गया है। अन्य फसलों जैसे मसूर, तारामीरा और अन्य जिंसों में भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि अधिकांश फसलों में खराबा 33 प्रतिशत से कम है, फिर भी टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को नियमानुसार राहत मिल सके।

Published on:
20 Feb 2026 12:07 pm
Also Read
View All

अगली खबर