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खेत में कटी फसल खराब हुई है तो घबराएं नहीं, 72 घंटे में 14447 पर दर्ज कराएं शिकायत

भीलवाड़ा जिले में बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की मेहनत पर बड़ा असर पड़ा है। जिन किसानों की फसलें कटकर खेत में सूखने के लिए रखी थीं और वे खराब हो गई हैं, उन्हें नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कवर किया जाएगा। लेकिन, इसके लिए […]

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If the harvested crop is damaged in the field, do not panic, lodge a complaint on 14447 within 72 hours.

If the harvested crop is damaged in the field, do not panic, lodge a complaint on 14447 within 72 hours.

  • किसानों के लिए जरूरी खबर: बेमौसम बारिश और ओले से हुआ है नुकसान, तो तुरंत उठाएं कदम
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का मिलेगा पूरा लाभ; कटाई के 14 दिन बाद तक खेत में सूख रही फसल कवर

भीलवाड़ा जिले में बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की मेहनत पर बड़ा असर पड़ा है। जिन किसानों की फसलें कटकर खेत में सूखने के लिए रखी थीं और वे खराब हो गई हैं, उन्हें नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कवर किया जाएगा। लेकिन, इसके लिए किसानों को खराबा होने के 72 घंटे के भीतर अपनी शिकायत दर्ज करानी होगी।

कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक विनोद कुमार जैन ने बताया कि पीएम फसल बीमा योजना की नई परिचालन मार्गदर्शिका के अनुसार फसल कटाई के बाद अधिकतम 14 दिन तक खेत में सूखने के लिए छोड़ी गई फसल को यदि चक्रवात, बेमौसम बारिश या ओलावृष्टि से नुकसान होता है, तो किसानों को व्यक्तिगत आधार पर बीमा क्लेम दिया जाएगा। इसका उद्देश्य पीड़ित किसानों को योजना का अधिकतम लाभ पहुंचाना है।

72 घंटे के भीतर यहाँ दर्ज कराएं अपनी शिकायत

  • - हेल्पलाइन नंबर: टोल-फ्री नंबर 14447 पर कॉल करें।
  • - व्हाट्सएप चैटबॉट: नंबर 7065514447 पर मैसेज करें।
  • - पोर्टल एवं ऐप: 'कृषि रक्षक पोर्टल' या 'क्रॉप इंश्योरेंस ऐप' (Crop Insurance App) के माध्यम से।
  • - लिखित शिकायत: अपने संबंधित बैंक या स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारियों को लिखित में सूचना दें।

क्या है सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया

बीमा कंपनी को आपदा की सूचना प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सर्वेयर की ओर से नुकसान का आकलन 10 दिन के अंदर पूरा किया जाएगा। पारदर्शिता के लिए यह आकलन संबंधित किसान और स्थानीय कृषि अधिकारी या कर्मचारी की मौजूदगी में संयुक्त रूप से होगा।

25 प्रतिशत से अधिक नुकसान पर विशेष प्रावधान

जैन ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र में कुल बीमित क्षेत्र के 25 प्रतिशत से अधिक हिस्से में नुकसान की सूचना मिलती है, तो सैंपल सर्वे के आधार पर क्षतिपूर्ति तय होगी। इस स्थिति में भी उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा, जिन्होंने अपनी फसल का बीमा कराया है और तय समय 72 घंटे में 'पोस्ट हार्वेस्ट' (कटाई के बाद) नुकसान की सूचना दी है।